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सहकारी ऋण पर ब्याज दर बढ़ाना निंदनीय: भाया

7 वर्ष पहले
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पूर्वमंत्री प्रमोद भाया ने किसानों को बिना ब्याज मिलने वाले सहकारी ऋण पर भाजपा सरकार की ओर से 4 प्रतिशत ब्याज दर लगाने के निर्णय की निंदा की और इसे बारां सहित राज्य के किसानों के लिए घातक कदम बताया है। पूर्व मंत्री भाया ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से किसानों को राहत देने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त सहकारी ऋण प्रारंभ किया था। इसे भाजपा शासन की ओर से सहकारिता विभाग की बजट घोषणा संख्या 112 वर्ष 2014-15 में समाप्त कर 4 प्रतिशत ब्याज का निर्णय लेकर रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जयपुर से सभी जिला स्तरीय केंद्रीय सहकारी बैंकों को किसानों से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण देने के निर्णय से अवगत कराया है। पूर्व मंत्री भाया ने किसानों से अपील की है कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर हो चुकी है। इन्हें गांव, गरीब और किसानों की चिंता नहीं है। ही किसी प्रकार की संवेदना है। एक के बाद एक मनमाने निर्णय एवं काले कानून लागू कर मतदाताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूलों के एकीकरण के नाम पर शिक्षकों को अन्य जिलों एवं रिमोट क्षेत्र में स्थानांतरित करने की तैयारी हो चुकी है।

वृद्धावस्था पेंशन, मुफ्त दवाइयां, तीर्थ यात्राएं बंद कर दी गई हैं। रोडवेज बसों का किराया बढ़ाने के बाद अब बिजली के बिलों में भी मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय होने से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आदेश कभी भी जारी हो सकता है।

सरकारी नौकरियों में भर्ती बंद है। इससे लाखों आशार्थी बेरोजगार होकर उम्रदराज हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से किसान हित में 4 प्रतिशत ब्याज दर के निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया है। ताकि किसानों पर किसी प्रकार के ब्याज का बोझ बढ़ सके।