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इनकार्यों पर इतना होगा खर्च: बारांबाढ़ नियंत्रण परियोजना के विविध कार्य पर 56 करोड़ 15 लाख 62 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। बाणगंगा नदी की री ग्रेडिंग अन्य कार्य पर 12.68 लाख रुपए, पाठेड़ा नाले पर 17.50 लाख रुपए, नलका नाला पर 37.50 लाख रुपए, फॉरेस्ट नाले पर 32.20 लाख रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा रिमॉडलिंग आॅफ एग्जिस्टिंग स्ट्रक्चर्स पर 51.90 हजार रुपए खर्च होंगे। तालाबों के गहरीकरण पर 22 लाख रुपए तथा अन्य कार्यों पर 27.33 लाख रुपए खर्च होंगे।
इनतालाबों को किया जाएगा गहरा: नालोंके कैचमेंट में स्थित 15 पुराने तालाबों में तलावड़ा, मोठपुर, तलावाड़ा छोटा, कलमंडा, कलमंडा छोटा, खैराली, उम्मेदपुरा, इकलेरा, नृसिंहपुरा, नृसिंहपुरा छोटा, लक्ष्मीपुरा, गजनपुरा, बंबूलिया, फूंसरा, श्यामपुरा को गहरा किया जाएगा। इससे 108.29 एमसीएफटी पानी की आवक बढ़ेगी। साथ ही शहर को बाढ़ से निजात मिलेगी। इसमें उन खालों और नालों का पानी मोड़ दिया जाएगा, जिसके कारण शहर में पानी भरने की समस्या रहती है।
^परियोजनाकी डीपीआर हाल ही में सबमिट कर दी गई है। इसी सप्ताह में इसके टेंडर होने जा रहे हैं। डीपीआर की एप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है। बरसात से पूर्व मुख्य काम करवा दिए जाएंगे। अब तक लोगों के सुझाव लेकर डीपीआर तैयार की गई थी। इसमें रामनगर नाला आमपुरा क्षेत्र के नाले को डायवर्जन के प्रस्ताव में लिया है। आगामी बरसात से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
-राधामोहनशर्मा, एक्सईएन,जलसंसाधन विभाग
मौकानहीं मिला, बढ़ गई...
आागामीत्योहारों पर पड़ेगा असर: खरीफके सीजन की फसलों की स्थिति जिले में कमजोर होने के कारण इस बार दशहरे और दीपावली के त्योहारों पर इसका व्यापक असर होने की आशंका जताई जा रही है। मानसून में देरी का असर इस बार त्योहारी बाजार पर होने की बात स्वयं व्यापारी भी कहने लगे हैं। गौरतलब है कि दशहरे तक सोयाबीन अन्य जिंसों की आवक कृषि उपजमंडी में शुरू हो जाती है। इससे बाजार में त्योहारी रंगत का पता चल जाता है, लेकिन अभी तक ऐसे कोई आसार लग नहीं रहे हैं। ऐसे में दीपावली की तैयारियों को बाजार में पिछड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। पिछले तीन सीजनों से किसानों पर प्रकृति की मार पड़ रही है। इससे किसान परेशान हैं।