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एक और कुपोषित बच्चे ने दम तोड़ा, 10 दिन में अब तक कुल तीन की हो चुकी है मौत
एमटीसी फुल फिर भी विभाग बना हुआ है मौन
अनपढ़ तीमारदारों से अंगूठे लगवा रहे चिकित्साकर्मी
इधर, अतिरिक्त निदेशक ने किया अस्पताल का निरीक्षण
जिलेके सहरिया क्षेत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंतजाम के दावों के बावजूद कुपोषित बच्चों की मृत्यु का सिलसिला नहीं थम रहा है। मंगलवार को शाहाबाद एमटीसी से बारां रैफर किए एक कुपोषित बच्चे की मृत्यु हो गई। विभागीय अधिकारी निमोनिया से मौत होने की बात कह रहे हैं। पिछले 10 दिन में कुपोषित बच्चे की मृत्यु का यह तीसरा मामला है।
शाहाबाद क्षेत्र में छह सितंबर से मंगलवार तक तीन कुपोषित बच्चे दम तोड़ चुके हैं। गौरतलब है कि छह सितंबर को भोयल निवासी जयपाल सहरिया की एक वर्षीय पुत्री कल्लो की शाहाबाद एमटीसी (माल न्यूट्रीशन सेंटर) एवं हरिनगर निवासी सिंधिया सहरिया के डेढ़ वर्षीय पुत्र राहुल की गांव में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मंगलवार दोपहर करीब सवा 12 बजे पठारी निवासी कुपोषित नामदेव (1) पुत्र अनूप सिंह सहरिया को शाहाबाद से बारां जिला अस्पताल लाया गया।
यहां इमरजेंसी ड्यूटी डॉ. मालती मीणा ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉ. मीणा ने बताया कि अस्पताल में बच्चे को मृत ही लाया गया है। यह सुनते ही बच्चे की मां सुरेशी बाई बदहवास होकर अस्पताल के फर्श पर गिर गई। लोगों ने समझाइश कर उसे एंबुलेंस तक पहुंचाया। यहां एंबुलेंस से सिर टकरा-टकराकर सुरेशी बाई बिलखती रही।
झूठबोलकर लाए बारां!
मृतकबच्चे की मां सुरेशी बाई बिलखते हुए कह रही थी कि शाहाबाद अस्पताल से झूठ बोलकर लाए हैं कि बच्चे को कुछ नहीं हुआ। बच्चे को बोतल चढ़ रही है। बच्चे की तो पहले ही मृत्यु हो गई थी। महिला के साथ आए कंपाउंडर कमलेश बेनीवाल ने बताया कि नामदेव को सोमवार की शाम को शाहाबाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसको खून की कमी होने से बारां रैफर किया गया। रास्ते में जांच की, तो रामपुरिया भंवरगढ़ के बीच मृत्यु हो गई।
बारां. मां से डॉक्टर की पर्ची में अंगूठा लगवाकर लिखवाया गया नोट।
शाहाबाद. निरीक्षण करते नीरज के पवन।
बारां. कुपोषित बच्चे को ड्यूटी डॉक्टर को दिखाया तो उसने मृत घोषित कर दिया।