बेवजह के सायरन हों बंद
बारां| शहरके प्रमुख मार्गों से दिन रात गुजरने वाले 108 तथा 104 वाहनों के बेवजह होने वाले सायरन पर नाराजगी जताते हुए बारां व्यापार महासंघ अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल ने बताया कि गंभीर घायल तथा प्रसूता महिलाओं को चिकित्सालय में ले जाते वक्त एंबुलेंस वाहनों की ओर से अगर सायरन बजाए जाते हैं तो इस पर कोई एतराज नहीं है। गंभीर मरीजों को चिकित्सा उपलब्ध होना सर्वोपरि है, लेकिन शहर में कई वक्त गैर जरूरी समय पर भी 108 तथा 104 वाहनों द्वारा जोर-जोर से सायरन बजाकर ध्वनि प्रदूषण का व्यापार महासंघ विरोध करता है। महासंघ अध्यक्ष ने बताया कि प्रतिदिन दर्जनों बार शहर से गुजरने वाले एंबुलेंस वाहन जब मरीज को चिकित्सालय में छोडकर वापस आते है, तब खाली स्थिति में भी सायरन बजाते हुए शहर की सडकों से गुजरते है। ऐसे में ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ आम नागरिकों एवं व्यापारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पडता है। आए दिन के कान फोडू सायरन से व्यापारी काफी आहत है। महासंघ अध्यक्ष ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि अगर आवश्यक हो तभी एंबूलेंस के सायरन बजाए जाये तो कोई आपत्ति नही है लेकिन आए दिन बेवजह दिन-रात सडकों पर सायरन बजाते हुए गुजरती एंबूलेंसों को व्यर्थ में सायरन बजाने पर रोक लगाई जाए।