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नवरात्र के बाद होगी रबी की बुवाई

7 वर्ष पहले
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जिलेमें रबी सीजन की बुवाई का सिलसिला नवरात्र के बाद शुरू होगा। इन दिनों जहां पर बारिश नहीं हुई है। वहां पर किसान खेत तैयार करने में लगे हुए हैं।

किसानों का कहना है कि दशहरे से सरसों, चना और अन्य फसलों की बुवाई की तैयारी की जा रही है। जहां पर खेत पड़त रह गए हैं। वहां पर भी तैयारियां की जा रही है।

उधर, खरीफ सीजन की सोयाबीन, मूंग, उड़द अन्य फसलों में खरपतवार निकालने का काम किया जा रहा है। सोयाबीन में फलियां बनने का समय चल रहा है। इन दिनों में किसान दवाइयों का छिड़काव कर कीट नियंत्रण करने में लगे हैं। कृषि विभाग का कहना है कि इस बार सरसों और चने का रकबा बारिश अच्छी होने से बढ़ सकता है। पिछले सालों की तुलना में किसान सरसों को अिधक अपनाने का विचार कर रहे हैं।

छोटीरह गई सोयाबीन की फसल

समयपर बारिश नहीं होने के कारण देरी से मानसून के सक्रिय नहीं होने से सोयाबीन की फसल की बढ़वार प्रभावित हुई। किसान धनराज गोस्वामी ने बताया कि बुवाई के बाद बारिश की खेंच के कारण ऐसा हुआ है। उन्हाेंने बताया कि इसके चलते सोयाबीन की उपज एक बीघा में एक बोरी रहने की ही उम्मीद लग रही है। उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

कटाईभी हो सकती है शुरू

जिलेमें सरसों की बुवाई दशहरे के बाद शुरू हो सकती है। इस दौरान किसान खेतों को तैयार कर लेंगे। इसके बाद ही फसलों की कटाई का भी सिलसिला शुरू होगा। जिन लाेगों ने बुवाई पहले कर दी। उनकी फसल एक पखवाड़े बाद पकने की स्थिति में जाएगी। इनको काटने के लिए तैयारियां की जा रही है। क्षेत्र में मजदूरों को पहले से बुक किया जा रहा है। कटाई के दौरान किसानों को मजदूरों के नहीं मिलने की समस्या के सामना करना पड़ता है।

समस्याओंके निस्तारण के लिए एकजुट हुए किसान

भारतीयकिसान संघ की तीन पंचायत मंडोला, इकलेरा, कलमंडा की बैठक मंगलवार को हुई। मंडोला पंचायत मुख्यालय पर हुई बैठक में किसानों की प्रमुख समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्षता कर रहे किसान शंकरसिंह जिला प्रचार प्रमुख भीमसिंह सारस्वत ने बताया कि किसान को संगठित होने की जरूरत है। किसानों का संगठन होगा तो उनका ही भला होगा। उन्होंने बताया कि किसानों का हमेशा शोषण होता आया है। चाहे ओलावृष्टि हो या फिर अतिवृष्टि। इससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। बैठक में तीन पंचायतों की कार्यकारिणी बनाई गई। इसमें मंडोला पंचायत प्रमुख