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अब जिले में राशन की दुकानों पर बिकेंगे ब्रांडेड उत्पाद

7 वर्ष पहले
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राशनकी दुकानों पर आने वाले दिनों में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर ब्रांडेड उत्पादों की बिक्री होगी। इसके लिए रसद विभाग ने जिले में 89 दुकानों को चिह्नित किया है। इसके प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे गए हैं।

जिले में 445 राशन की दुकानें हैं। इनसे उपभोक्ताओं को गेहूं, चावल, केरोसिन का वितरण किया जाता है। सहरिया जनजाति के लोगों को विशेष योजना के तहत घी, तेल, दाल, गेहूं आदि सामग्री राशन की दुकानों से निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य सरकार के निर्देश पर रसद विभाग ने जिले में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधारित 89 दुकानों को चिह्नित किया है। यहां बिक्री के लिए ब्रांडेड आइटम्स उपलब्ध रहेंगे। पीपीपी मॉडल के तहत इन दुकानों के प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार के पास भेजे गए हैं। संबंधित विभाग से स्वीकृति निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यहसामग्री मिलेगी दुकानों पर

राशनकी दुकानों पर इस समय गेहूं, चावल, केरोसिन और शक्कर का वितरण उचित मूल्य पर किया जा रहा है। योजना को मंजूरी मिलते ही, इनके साथ पीपीपी मॉडल वाली राशन की दुकानों पर सभी तरह की दालें, मसाले, घी, तेल, साबुन, चाय पत्ती आदि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी मिलने लगेंगी।

ब्रांडेडआइटम ही मिलेंगे यहां पर: योजनाके तहत इन दुकानों पर ब्रांडेड आइटम्स ही बेचे जाएंगे, ताकि आम लोगों तक यह पहुंच सके। ब्रांडेड चीजों का निर्माण करने वाली कंपनियों से बातचीत की जा रही है, ताकि बाजार में बिकने वाले दामों से काफी कम दाम पर खरीद कर इन्हें आम लोगों के लिए पीपीपी मॉडल से बाजार में उपलब्ध करवाया जा सके।

बारां. उचित मूल्य की दुकानों पर ब्रांडेड आइटम भी मिलेंगे।