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स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पिलाई कृमि नाशक सीरप

6 वर्ष पहले
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जिलेमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगलवार को बच्चों के पेट में कीड़ों की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एल्बेंडाजोल गोलियां और सीरप दी गई।

मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की ओर से सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दो दिन पहले ही दवा उपलब्ध करवा दी गई थी। राष्ट्रीय डी-वर्मिंग डे पर मंगलवार को बच्चों को पेट के कीड़ों को मारने वाली गोलियां दी गई और 1 से 2 साल के बच्चों को सीरप पिलाई गई। इसमें शिक्षा विभाग एव महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से छोटे बच्चों को यह दवा दी गई। सीएमएचओ डॉ. शरद पारीक ने बताया कि इस खास अभियान में छोटे बच्चों को पेट की विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए एमंडाजोल का घोल पिलाया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों और स्कूलों के शिक्षकों का सहयोग लिया गया। जिले में करीब 2 लाख से अिधक बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। यह अभियान जिले में 13 फरवरी तक चलाया जाएगा।

बच्चोंको कुपोषण से बचाती है दवा

बच्चोंके पेट में कृमि के पनपने से कई प्रकार के विकार हो जाते हैं। इनकी मात्रा बढ़ जाने पर बच्चा लगातार कमजोर और चिड़चिड़ा हो जाता है। पेट में कीड़े के कारण बच्चों में कुपोषण का खतरा बना रहता है। इससे बचाने के लिए बच्चों को एल्बेंडाजोल का घोल और गोलियां दी जाती है। इससे पेट में कीड़ों को नियंत्रित करने और पूरी तरह खत्म करने में मदद मिलती है।

स्कूलोंमें भी पिलाई गई कृमि नाशक दवा

जिलेके स्कूलों में बच्चों को मंगलवार को कृमिनाशक दवा पिलाई गई। इसमें 0 से 5 साल तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल का घोल पिलाया गया। वहीं 3 से 5 साल तक के बच्चों को गोलियां दी गई। उधर, महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालयों के माध्यम से शहर सहित जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर इस दवा का वितरण किया गया। इसमें पहले दिन बड़ी संख्या में बच्चों को कृमिनाशक दवा पिलाई गई। महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग ने एक लाख 7 हजार गोलियां प्रदान की थी। इस अिभयान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीमों ने माॅनीटरिंग की। ताकी अिधक से अिधक बच्चे इसका लाभ ले सकें।

मेलखेड़ीमें पिलाया काढ़ा

मेलखेड़ीमाध्यमिक स्कूल में मंगलवार को स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए आयुर्वेद विभाग और स्कूल स्टाफ की ओर से आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया गया। आयुर्वेद डॉ. महेंद्र मीणा के निर्देशन में तैयार किए गए इस काढ़े को स्कूल के बच्चों एवं बीएड की छात्राओं पिलाया गया।

बारां. बस स्टैंड परिसर में खुले आसमान के नीचे ठहरे मजदूर।

भंवरगढ़. आंगनबाड़ीकेंद्र में बच्चों को कृमि नाशक दवा पिलातीं कार्यकर्ता।