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छाए रहे बादल, दोपहर बाद निकली धूप ने दी राहत

7 वर्ष पहले
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शुक्रवार शनिवार को हुई मावठ, ओलावृष्टि के बाद रविवार को सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक बादल छाए रहे। सुबह-सुबह तेज सर्दी का अहसास रहा। इसके बाद धूप निकल आने से हल्की राहत मिली। धूप निकलने के बाद भी सर्द हवाओं ने लोगों को परेशान रखा।

दिनभर तेज गलन रही। उधर, अिधकतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। रविवार को अिधकतम तापमान 21 डिग्री न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, जिले में दो दिनों तक मावठ होने के बाद जहां सरसों, धनिया, गेहूं, लहसुन अन्य फसलों में एक सिंचाई की जरूरत पूरी हो गईं। वहीं ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान भी पहुंचा।

रविवार को मौसम में सर्दी का अहसास अिधक होने के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके। घरों में तेज गलन के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को समूचे जिले में मावठ हुई थी। रुक-रुककर शाम तक मावठ ओलावृष्टि का दौर चलता रहा। हालांकि शहर में तो शनिवार दोपहर के बाद मावठ का दौर थम गया था। जिले में कहीं-कहीं देर शाम तक बारिश होती रही।

नुकसान के आकलन के लिए जुटे पटवारी

मावठओलावृष्टि से जिले में कहां-कितना नुकसान हुआ है। इसका आकलन सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। पटवारियों, नायब तहसीलदारों को इसका आकलन करने के लिए कहा गया है। रविवार को जनप्रतिनिधियों ने भी मावठ ओलावृष्टि प्रभावित इलाकों में जाकर सरसों, धनिया, चना, गेहंू, लहसुन आिद फसलों की स्थिति देखी। अटरू क्षेत्र में पूर्व मंत्री मदनदिलावर ने भी कई गांवों का दौरा कर हालात देखे। किसानों से बात की। क्षेत्रीय विधायकों ने भी फसलों में हुए नुकसान का आकलन जल्द करवाने के लिए कहा है।

सीसवाली.रविवारको भी यहां दिन भर सर्द मौसम रहा। दोपहर को थोड़े समय धूप निकली। धूप खिलने पर लोगों ने धूप में बैठकर रात महसूस की।

बिजौरा.क्षेत्रसमेत आसपास के गांवों में शुक्रवार को रातभर बिजली कड़कने के साथ कभी तेज तथा रिमझिम बारिश होती रही। मावठ होने से किसानों में खुशी का माहौल है।

छीपाबड़ौद.कस्बेमें रविवार को सुबह 10 बजे तक कोहरा छाया रहा। उसके बाद कुछ समय के लिए धूप खिली। पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव आने से कस्बे के लोग घरों में ही दुबके रहे। वहीं मावठ से फसलों को फायदा पहुंचा है।

आेलावृष्टि के बाद तापमान में भी आई गिरावट