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अब लागत बढ़ने से रुका निर्माण

6 वर्ष पहले
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जिलेके किशनगंज क्षेत्र में स्थित महत्वाकांक्षी अहमदी सिंचाई परियोजना को निर्माण प्रारंभ होने के सात साल बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है। इस अवधि में निर्माण की लागत दोगुनी होने से ठेकेदार ने काम करने से इनकार कर दिया है। अब बढ़ी हुई लागत के कारण परियोजना का निर्माण अटका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फिलहाल राज्य सरकार के स्तर पर फैसला अटका हुआ है। वहां निर्णय होने के बाद ही परियोजना का कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

किशनगंज क्षेत्र के किसान लंबे समय से अहमदी लघु सिंचाई परियोजना की मांग कर रहे थे। इस पर अहमदी गांव के पास स्थित कटपाड़ नदी पर अहमदी लघु सिंचाई परियोजना निर्माण के लिए करीब 26 साल पहले राज्य सरकार ने सर्वे करवाया। इसके बाद लंबे समय तक यह फाइलों में सिमटी रही। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने सशर्त बांध निर्माण की स्वीकृति फरवरी 2005 में दे दी थी। सरकार ने मई 2007 में अहमदी लघु सिंचाई परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की। इसके निर्माण के लिए अप्रैल 2007 को राज्य सरकार ने 271.48 लाख रुपए दिए। उधर, डूब क्षेत्र में रही वन भूमि के बदले वन विभाग को 19 करोड़ 20 लाख 11 हजार रुपए दिए जाने थे, लेकिन यह राशि जमा नहीं कराई गई। इसके अलावा डूब क्षेत्र में आने वाली वनभूमि के एवज में अन्य जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। करीब 40 फीसदी निर्माण पूरा होने के बाद वन विभाग की स्वीकृति के अभाव में कार्य अटका रहा। ऐसे में 21 अगस्त 2008 का पूरी होने वाली परियोजना अधूरी रही पड़ी हुई है। दिसंबर में लघु सिंचाई परियोजना को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति दे दी है। अब निर्माण कार्य प्रारंभ कराने से पहले आंकलन किया गया, तो सात 2007 के मुकाबले लागत दोगुनी बढ़ गई है। ऐसे में ठेकेदार ने भी पुरानी दरों पर काम करने से मना कर दिया है। ऐसे में नए टेंडर कराने अथवा पुराने ठेकेदार को ही दरें बढ़ाकर देने पर निर्णय राज्य सरकार पर अटका हुआ है।

सिंचाई परियोजना से 634.80 हैक्टेयर जमीन होगी सिंचित

अहमदीलघु सिंचाई परियोजना के निर्माण से अहमदा, पितांबरपुरा, अहमदी, ख्यावदा एवं बजरंगगढ़ की 634.80 हैक्टेयर जमीन सिंचित होगी। फिलहाल क्षेत्र के किसान ट्यूबवैल, कुएं आदि से सिंचाई करते हैं। वहीं अधिकांश क्षेत्र में सिंचाई का पानी नहीं होने से अधिकांश जमीन रबी फसलों के समय पड़त रहती है। परियोजना का निर्माण पूरा होता है, तो क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

^अहमदी लघु सिंचाई परियोजना को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें लागत बढऩे का कारण सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जा रहा है। जल्द ही अहमदी सिंचाई परियोजना का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। ललितमीणा, विधायक, किशनगंज

जलवाड़ा. कटपाड़ नदी पर सिंचाई परियोजना बनने से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।

जलवाड़ा. कटपाड़ नदी पर अहमदी सिंचाई परियोजना अधूरी पड़ी है।