करोड़ों की परियोजनाएं बदलेंगी जिले की तस्वीर
जिले से गुजर रही कोटा-बीना रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य प्रगति पर है। रूट पर फिलहाल पांच ट्रेनें अपडाउन कर रही हैं। इसके अलावा 6 साप्ताहिक ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। इसके प्रतिदिन करीब 6 मालगाडिय़ों का आवागमन होता है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण होने से मालगाडिय़ों का आवागमन बढ़ेगा। साथ ही नियमित ट्रेनों की संख्या में इजाफा होने की संभावना भी रहेगी। रूट क्लीयर रहने से साप्ताहिक लंबी दूरी की ट्रेनों का भी यहां से संचालन हो सकेगा। रेलवे लाइन के दोहरीकरण पर प्रति किमी करीब तीन करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं।
उद्योग से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जिलेके शाहाबाद स्थित रीको एरिया में डिस्टेलरी प्लांट का निर्माण होना है। इसको लेकर सरकार और कंपनी के स्तर पर प्रक्रिया हो चुकी है। पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त होने के साथ ही कंपनी की ओर से प्लांट के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्लांट पर करीब 374 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिले के सहरिया क्षेत्र में यह बड़ा प्लांट लगने जा रहा है। इसके बाद गुवाड़ी-मझारी रीको एरिया में दो बड़े प्लाटों पर भी बड़े उद्योग आने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे जिले के लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
इनकार्यों की भी है डिमांड
शहरमें झालावाड़ रोड रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज निर्माण, सीताबाड़ी मेला परिसर डोल मेला परिसर का संरक्षण, डोल तालाब में जलभराव की व्यवस्था, शहर में पेयजल लाइनों का संवर्धन, शाहाबाद में डिग्री कॉलेज की स्थापना, शाहाबाद किले में विकास के कार्य, शाहाबाद से राजपुर के लिए सीधी संपर्क सड़क आदि की मांग वर्षों से हो रही है। इन कार्यों के भी आगामी समय में पूरा होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इनके अलावा छीपाबड़ौद, अटरू और केलवाड़ा में नगरीय निकाय की स्थापना की भी आमजन में मांग बनी हुई है। इससे इन कस्बों का बेहतर विकास हो सकेगा।
सिंचाई और पीने का पानी मिलेगा
जिलेके छीपाबड़ौद किशनगंज में ल्हासी मध्यम सिंचाई परियोजना अहमदी सिंचाई परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। जिले के छीपाबड़ौद में खजूरिया गांव के पास ल्हासी मध्यम सिंचाई परियोजना का कार्य किया जा रहा है। इससे मिलने वाले वाली से 2539 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना में विद्युत उत्पादन के लिए भी पानी रिजर्व रखा जाएगा। साथ ही छीपाबड़ौद सहित ग्रामीण क्षेत्र में पीने का पानी दिया जाएगा। किशनगंज में अहमदी सिंचाई परियोजना से 634 हैक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। साथ ही क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार हो सकेगा।
बिजलीसप्लाई में आएगा सुधार
जिलेमें बिजली सप्लाई में सुधार के लिए 132 केवीए जीएसएस के निर्माण करवाए जा रहे हैं। करीब 13-13 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे तीन जीएसएस का निर्माण पूरा होने पर बिजली सप्लाई में सुधार हो सकेगा। जिले में किशनगंज, मांगरोल और मामोनी (शाहाबाद) में 132 केवीए जीएसएस निर्माणाधीन हैं। नए जीएसएस का निर्माण होने से बिजली ट्रिपिंग, लो वोल्टेज, फाल्ट आदि समस्या में सुधार हो सकेगा। नए जीएसएस के निर्माण से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली भी उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा फाल्ट आने पर कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
बारां. रेलवे ट्रेक का दोहरीकरण होने से ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा।
बारां. अहमदी परियाेजना से क्षेत्र की कृषि भूमि सिंचित होगी।
बारां. शहर में फ्लडमिटिगेशन स्कीम से बाढ़ से राहत मिलेगी।
किशनगंज. कस्बे में बन रहा ग्रिड सब स्टेशन।
भास्कर न्यूज | बारां
जिलेमें विभिन्न क्षेत्रों में राहत प्रदान करने के लिए करोड़ो रुपए की लागत से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का कार्य पूरा होने पर आमजन को बिजली, पानी, सिंचाई, आवागमन और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकेंगे। शहर सहित जिलेभर में इन परियोजनाओं का लाभ आगामी समय में देखने को मिलेगा। जिले में सिंचाई से लेकर पेयजल, बिजली और आवागमन के लिए रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य हो रहे हैं। बारां शहर को बाढ़ से बचाने की परियोजना पर भी काम हो रहा है। इन कार्यों के पूरे होने पर शहर सहित जिलेवासियों को लाभ मिल सकेगा।
बारांको बाढ़ से मिलेगी राहत
बारांशहर में बारिश के दिनों में बाढ़ के हालातों का सामना करना पड़ता है। इससे बचाव के लिए राज्य सरकार ने फ्लड मिटिगेशन स्कीम की स्वीकृति दी थी। इसके तहत बारां शहर को बाढ़ से बचाने के लिए जल संसाधन विभाग 125 करोड़ रुपए लागत की फ्लड मिटिगेशन स्कीम पर काम कर रहा है। इसके तहत पाठेड़ा नाला, फोरेस्ट नाला और बाणगंगा नदी गहरीकरण किनारों को पक्का करने का कार्य किया जा रहा है। स्कीम में फोरेस्ट नाले को मोडऩे का कार्य भी किया जाएगा। जिससे बारिश में नाले में पानी का बहाव कम होने से बाढ़ के हालातों का सामना नहीं करना पड़ेगा।