जीवन में रखें प्रेम दया की भावना
शाहाबाद. तिलगवां गांव में भागवत कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा।
देवरी. कस्बे में आयोजित कथा में उपस्थित श्रद्धालु महिलाएं।
बाेहत. कस्बे में भागवत कथा का वाचन करते महेंद्र शास्त्री।
भास्कर न्यूज | बोहत
व्यक्तिके जीवन में प्रेम, करुणा, दया की भावना होनी चाहिए, जिसके जीवन में यह नहीं उसका यह लोक ही नहीं पर लोक भी बिगड़ जाता है। यह बात कस्बे में प्रेमरावजी बाग के हनुमानजी मन्दिर प्रागंण में चल रही भागवत कथा में तीसरे दिन रविवार को कथा वाचक महेशचंद्र शास्त्री ने कही।
उन्होंने बताया कि अनायास किसी का अपमान ना करे अन्यथा वहां ईश्वर का ही अपमान होता है। शास्त्री ने बताया कि काम क्रोध लोभ माया का त्याग करते हुए पवित्र मन से ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। ईश्वर सदैव उसके साथ है कोई सा भी कार्य करने पर सच्चे मन से विश्वास होना चाहिए, उसका फल अवश्य प्राप्त होता है। कथा में नारद चरित्र, भगवान शंकर विवाह, ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। कथा का आयोजन नागा विमलदास महाराज की प्रेरणा से भक्तों द्वारा कराया जा रहा है।
कलशयात्राके साथ भागवत कथा का शुभारंभ
शाहाबाद.तहसील क्षेत्र के तिलगंवा गांव में श्री मारूतिनंदन प्राण-प्रतिष्ठा एवं संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यजमान रमेशचंद की ओर से श्रीकपि आश्रम तिलगंवा में यह आयोजन किए जा रहे हैं। इसमें प्रतिष्ठाचार्य प्रेमनारायण भार्गव पंडित श्यामचरण शास्त्री हैं। वहीं भागवत कथा का वाचन आचार्य गंगाधर महाराज कर रहे हैं। शनिवार को कलश यात्रा निकालकर था प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। रविवार को विराट दर्शन, सती चरित्र और ध्रुव चरित्र की कथा का वर्णन किया गया। सोमवार को जड़ भरत चरित्र, अजामिल उपाख्यान, प्रहलाद चरित्र, मंगलवार को समुद्र मंथन, वामन चरित्र, श्रीरामचरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बुधवार को बालकृष्ण लीला, गोवर्धन पूजा, रासलीला और प्राण प्रतिष्ठा होगी। वहीं गुरुवार को उद्धव चरित्र, रुक्मणी विवाह, शुक्रवार को सुदामा चरित्र, नवयोगेश्वर कथा, परीक्षित मोक्ष, भागवत का समापन होगा। वहीं 20 फरवरी को हवन, पूजन, पूर्णाहुति के साथ भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस दिन रात्रि को भजन संध्या कार्यक्रम किया जाएगा।
केलवाड़ा.सीताबाड़ीस्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर पर रविवार को भागवत कथा का शुभारंभ किया। इससे पूर्व केलवाड़ा कस्बे के बड़े मंदिर से भव्य कलश यात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली गई, जिसमें बालिकाएं सिर पर कलश धारण कर सीताबाड़ी तक पहुंची। सीताबाड़ी स्थित सहरिया समाज के मंदिर पर विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात कथावाचक बाल संत गौरव कृष्ण भार्गव ने कथा का शुभारंभ किया। भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा। पूर्णाहुति 21 फरवरी को की जाएगी। इसमें हवन पूजन, भंडारा, कन्या भोज एवं प्रसाद वितरण होगा।
खंडेलवालसमाज ने मनाया बसंतोत्सव
बारां.खंडेलवाल वैश्य समाज ने नवयुवक मंडल तथा महिला मंडल के तत्वाधान में बसंतोत्सव का कार्यक्रम अस्पताल रोड स्थित खंडेलवाल भवन में रखा। इसमें प्रतिभा सम्मान में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं का स्वागत एवं महिला मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कृत किया। समाज के मंत्री प्रेमचंद बीमवाल ने बताया कि सुबह दस बजे मैन मार्केट स्थित खंडेलवाल मंदिर से श्री गोरधननाथ जी का विमान गाजे-बाजों के साथ कार्यक्रम स्थल पर ले जाया गया। इस अवसर पर निकली शोभायात्रा में बडी संख्या में समाज के युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में गोपाल प्रसाद दुसाद, ओम ठाकुरिया, देवेंंद्र खंडेलवाल, जगदीश सिरोहिया, कृष्णमुरारी सिरोहिया, दिनेशचंद सिरोहिया, राधेश्याम सेठी, प्रकाश खंडेलवाल, चंचल खंडेलवाल, हितेश दुसाद सहित महिला मंडल की अध्यक्ष सरिता दुसाद, सीमा खंडेलवाल, कृष्णा खंडेलवाल भी शामिल थी।
कथामें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया
हरनावदाशाहजी.कस्बेके मेला मैदान में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को भगवान की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उज्जैन के संत नारायण प्रसाद ओझा कथा वाचन कर रहे है। उन्होंन बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं रची। इसमें माखन चोरी, मटकी फोड़ना आदि घटनाओं का वर्णन किया। सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है। चलो सत्संग में चले, जहां हरी का ठिकाना है भजनों पर भक्त जमकर झूमे। इसी दौरान गोवर्धन लीला का वर्णन भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पर्वत को धरण करने की झांकी भी सजाई गई। भागवत कथा के चलते कस्बे में माहौल धर्ममय हो गया है। आयोजक बृजमोहन राठौर ने बताया कि मंगलवार तक चलने वाली कथा का समय प्रतिदिन दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक है। सोमवार को रात 7 बजे से भव्य भजन संध्या होगी। इसमें निम्बाहेड़ा की पार्टी सियाराम मित्र मण्डल भी भाग लेगी। यह आयोजन स्व. प्रभुलाल स्व. रामकंवरी बाई राठोर की स्मृति में रखा गया है। मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ प्रसाद वितरण होगा। साथ ही बाहर से आए श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की भोजन की व्यवस्था भी निशुल्क है।
सुंदरकांडपाठ किया
मेलामैदान स्थित कथा स्थल पर शनिवार रात को निम्बाहेड़ा की पार्टी सियाराम मित्र मण्डल ने सुंदरकांड पाठ किया। इसमेंं कस्बे के भक्तजनों ने भाग लिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में संगीतमय भजनों पर भक्त झूम उठे।