सर्राफा व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर निकाला जुलूस
भास्कर संवाददाता | राजाखेड़ा
भारतसरकार द्वारा जारी किए गए दो लाख के आभूषणों की खरीद बिक्री पर पैनकार्ड की अनिवार्यता के विरोध में बुधवार को सोने चांदी के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिसमें बताया है कि भारत सरकार द्वारा दो लाख रुपए के आभूषण के क्रय विक्रय पर पैनकार्ड की अनिवार्यता का हम समस्त व्यापारी एवं कारोबारी विरोध करते हैं, क्योंकि किसानों एवं महिलाओं के पास पैनकार्ड उपलब्ध नहीं है। जिसके अभाव में ज्वैलरी का कारोबार बंद हो जाएगा। सरकार ने किसानों को आयकर मुक्त रखा है। किसान तो आयकर देता है और ही पैनकार्ड बनवाता है। जबकि सोने चांदी के आभूषणों का क्रय विक्रय करने में किसान एवं महिलाओं की ही मुख्य भूमिका होती है। व्यापारियों ने मांग की है कि दो लाख के आभूषणों पर लागू किए गए पैनकार्ड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
बाड़ी.भारतसरकार द्वारा दो लाख से ऊपर के स्वर्णा भूषण खरीद पर पेन कार्ड की अनिवार्यता लागू करने के नियम के विरोध में बुधवार को सर्राफा व्यवासियों ने बैठक कर सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद रखा तथा नियम वापस लेने की मांग की।
नियम के विरोध में सर्राफा एवं स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों ने बैठक का आयोजन कर पुरजोर विरोध किया। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दाऊदयाल सर्राफ ने कहा कि भारत की 70 प्रतिशत जनता ग्रामीण क्षेत्र की होने के कारण पेन कार्ड के प्रति अज्ञान है इसके नहीं होने से लोगों को परेशानी आएगी। यह नियम अव्यवहारिक है। महामंत्री मोहन सर्राफ ने कहा कि सरकार टैक्स और व्यावसायिक नीतियों को सरल बनाने के बजाय असुविधाजनक बना रही है। जिससे जनता व्यापारी दोनों को ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सर्राफा व्यवसायियों ने वित्त मंत्री भारत सरकार के नाम एसडीएम बाडी को ज्ञापन सौंपकर नियम को वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने वालाें में बंटू, हरिशंकर, सोहन मित्तल, देवेन्द्र, राकेश वर्मा, दिनेश, मोतीलाल वर्मा, पवन गर्ग, मनोज मोदी आदि सर्राफ मौजूद रहे।
बाड़ी. दुकान बंद कर बाहर बैठे सर्राफा व्यवसायी।
राजाखेड़ा. एसडीएम को ज्ञापन सौपतें सर्राफा व्यवसायी।