पितरों के लिए किया तर्पण
बाड़ी. पितृपक्ष की पंचमी तिथि पर लोगों ने पितरों के लिए श्राद्ध किया। क्षेत्र के भूतेश्वरी नदी, बामनी नदी, तुलसीवन नदी के किनारे लोग सुबह सुबह ही तर्पण के लिए पहुंच गए और विधि विधान के साथ आचार्यों के सानिध्य में तर्पण किया। घरों में अपने पूर्वजों ब्राह्मणों को आमंत्रित कर खीर पकवान खिलाए। भूतेश्वर नदी पर तर्पण करा रहे आचार्य बाबू पचौरी के मुताबिक मनुष्य योनि में जन्मे प्रत्येक वर्ग के नागरिक को इन श्राद्ध पक्षों के पूरे 16 दिनों में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए 16 दिन तर्पण करना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में पूर्वज धरती पर उतरकर अपने वंश का हाल जानने आते है। ऐसे मौके पर तर्पण करने से पूर्वज अपने वंशजों को आशीर्वाद देकर जाते है।
बाड़ी. भूतेश्वर नदी में अपने पूर्वजों को तर्पण करते लोग।