टैक्स की उलझन में शो रूम से बाहर नहीं पाईं मेधावी बेटियों की स्कूटी
जिलेमें मेधावी छात्राओं की स्कूटी परिवहन विभाग के टैक्स की उलझन में शो रूम से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। शिक्षा सत्र बीतने को है, लेकिन कागजी कार्यवाई के फेर में स्कूटी मिल पा रही है और फाइल आगे बढ़ पा रही है। मामला थर्ड टैक्स का है। स्थिति ये है कि स्कूटी चुकी है और उनकी तकनीकी जांच भी हो चुकी है, किंतु टैक्स का मामला अटका हुआ है।
राज्य सरकार की देवनारायण मेधावी छात्रा योजना के तहत इस शिक्षण सत्र में जिले की 123 छात्राओं का चयन किया गया था। छात्राओं को बांटने के लिए स्कूटी गईं और तकनीकी जांच भी करा ली गई, किंतु मेधावी बेटियों को अभी तक स्कूटी का इंतजार है। इसमें रोड़ा थर्ड पार्टी टैक्स बन रहा है। वर्ष 2012 में जब यह योजना प्रारंभ हुई थी तब सरकार ने विशेष राहत देते हुए टोकन मनी टैक्स के रूप में जमा कराया था, किंतु परिवहन विभाग अब इस सर्कुलर को नहीं मान रहा है।
विभाग का कहना है कि इस आदेश में आगामी वर्षों के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए अब पूरा टैक्स लिया जाएगा। इस कारण करीब ढाई हजार रुपए अधिक जमा होंगे। स्कूटी वितरण योजना में पिछले साल करीब 450 रुपए प्रति स्कूटी टैक्स जमा कराया गया था, किंतु इस साल करीब 3000 रुपए की डिमांड परिवहन विभाग ने की है। अंतर अधिक है। इसलिए इस राशि को जमा कराने में परेशानी रही है। नोडल अधिकारी की ओर से कॅालेज निदेशालय को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है। इधर, परिवहन विभाग अपने निर्णय पर कायम है। अलबत्ता आरटीओ ने मुख्यालय से दिशा निर्देश अवश्य मांगा है।
किस कॉलेज की कितनी छात्राओं को स्कूटी
स्कूटीवितरण योजना में जिले की 123 छात्राओं को स्कूटी का वितरण होगा। इसमें आरडी गर्ल्स कॉलेज की 32, डीग 18, बयाना की 53 सहित अन्य कॉलेजों की 20 छात्राओं का चयन हुआ है। इसमें देवनारायण योजना में 102 तथा मेधावी छात्रा योजना में 21 छात्राओं का चयन हुआ है।
हरसाल होती है देरी
निशुल्कस्कूटी वितरण योजना वैसे तो शुरु से ही लेट लतीफी की शिकार रही है। कारण भले ही अलग-अलग रहे हों। मसलन, वर्ष 2014-15 शिक्षण सत्र की स्कूटी मई माह में बांटी गई थीं। इनमें भी शेष रही तीन छात्राओं को स्कूटी शनिवार को वितरित की गई।
भरतपुर. शोरूम पर खड़ी स्कूटियां।