ऑनलाइन होगा आशा सहयोगिनियों का भुगतान
आशा सहयोगिनियों को भुगतान के लिए अब कार्यालयों में चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि अब उन्हें उनकी सेवाओं का पूरा पैसा नियत समय से उनके खाते में भुगतान हो जाएगा। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय ने विशेष साफ्टवेयर तैयार कराया है। इस सॉफ्टवेयर को नाम भी आशा सॉफ्टवेयर दिया गया है।
स्वास्थ्य निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर में आशाओं की पूरी प्रोफाइल मौजूद होगी। इसमें उनके कार्य की रिपोर्ट भी दर्ज होगी। यह सॉफ्टवेयर संभवत: 13 दिसंबर को प्रदेश में लांच किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम ) के तहत इस सॉफ्टवेयर का निर्माण एनआईसी राजस्थान इकाई ने किया है। इसके माध्यम से आशाओं को ऑनलाइन भुगतान के लिए शीघ्र ही बैंकों में खाते खुलवाए जाएंगे। ऑनलाइन खातों में भुगतान की जानकारी आशाओं को मोबाइल पर एसएमएस से दी जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। बीसीएमओ, सीएचसी एवं पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर, आिद ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय ने तैयार कराया विशेष सॉफ्टवेयर, इसके जरिए की जाएगी मॉनिटरिंग
व्यवस्था
^आशा साफ्टवेयर के लिए बीते छह माह से कवायद चल रही थी। अब सारी कवायद पूरी हो चुकी है। इस साफ्टवेयर से जिलेभर की आशा सहयोगिनियों को कार्य के हिसाब से हर महीने की दस तारीख तक भुगतान मिल जाएगा। इसके लिए हर महीने की 25 से 30 तारीख तक आशा के कार्य की एंट्री ऑनलाइन कर दी जाएंगी। -डॉ.राजेश मित्तल, सीएमएचओ
ये हैं आशा सहयोगिनी के मुख्य कार्य
यहमातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में महत्वपूर्ण कड़ी है। गर्भवती महिलाओं की एएनसी के लिए प्रोत्साहन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देती है। गर्भवती महिलाओं को भी आशा टिटनेस टीकाकरण के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लेकर पहुंचती है। संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती को अस्पताल तक ले जाना, कुपोषित बच्चों की आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ले जाकर जांच कराना मुख्य कार्य हैं।
यह है योजना का उद्देश्य
आशाओंको सॉफ्टवेयर से जोड़ने का उद्देश्य गांवों में उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग और प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान करना है। अब उनके बैंक खाते में राशि का सीधा हस्तांतरण एवं प्रोत्साहन राशि की गणना उनकी धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओ