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शिक्षा की ज्योति से पीढ़ियों को रोशन करें: मीणा
शिक्षकसच्चे मायने में समाज का दर्पण है। वे शिक्षा से बच्चों की जिंदगी संवारने की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। संस्कारों की सीख के साथ चुनौतियां का सामना करना तो उनकी फितरत में शुमार है। गुरू के मार्गदर्शन में विद्यार्थी सफलता के मुकाम तक पहुंच रहे हैं, यह गौरव की बात है। हिंदी दिवस पर हिंदी की आवश्यकता है। संवाद संप्रेषण में हिंदी की महत्ती आवश्यकता है। मैंने अंग्रेजी साहित्य में एमएम की। फिर भी हिंदी ही बोलता हूं। चिकित्सा, तकनीकी कानून में हिंदी का समावेश होना चाहिए। यह बात एडीएम हरभान मीणा ने रविवार को कलिंगा पैलेस होटल में दैनिक भास्कर समाजसेवी तनसिंह चौहान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के बतौर कही।
समारोह के अध्यक्ष डीएसपी ओमप्रकाश उज्जवल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हिंदी की उपयोगिता के साथ हमारी कार्यशैली में इसका उपयोग जरूरी है। मंथन चिंतन की जरूरत है। देश में भाईचारा सौहार्द बनाए रखने के लिए जातिवाद, भाई भतीजावाद, सांप्रदायिकता को खत्म करने की शपथ लेनी होगी। समाज देश को नई दिशा प्रदान करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। निजी शिक्षण संस्थाएं प्रतिस्पर्धा के दौर में विद्यार्थियों को संस्कारवान शिक्षा दें। दैनिक भास्कर समाजसेवी तनसिंह चौहान की ओर से शिक्षकों के सम्मान में आयोजित समारोह अच्छी पहल है। इस मौके पर शिक्षाविद कमलसिंह महेचा ने कहा कि मातृभाषा हिंदी का महत्व युवा पीढ़ी भूलती जा रही हैं। निजी शिक्षण संस्थानों में हिंदी भाषा को महत्व दिया जाए। आज युवा अंग्रेजों की रीति नीति की नकल कर रहे हैं जो भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। स्कूल संचालक विद्यार्थियों को संस्कारवान शिक्षा प्रदान करें ताकि भावी पीढ़ी सुसंस्कारित बन सके। सेवानिवृत्त व्याख्याता दाऊलाल जोशी ने कहा कि हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षकों का सम्मान करना अनुकरणीय पहल है। वक्त के साथ शिक्षण व्यवस्था में काफी बदलाव आया है, लेकिन शिक्षक की भूमिका यथावत है। समाज में जाग्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की जरूरत है। वर्तमान परीपेक्ष्य में शिक्षकों की जिम्मेदारी समाज की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में शिक्षक निष्ठापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करें। कार्यक्रम की शुरूआत में दैनिक भास्कर के यूनिट हैड अरविंद पारीक ने कहा कि सरकारी कार