बाड़मेर. बोलने की कला में ही लोकप्रियता का राज छिपा है। हमारे कॅरिअर में
खूबसूरती की भूमिका दस प्रतिशत होती है। वाणी के खूबसूरती की भूमिका नब्बे प्रतिशत। शब्दों में बड़ी जान होती है। इन्हीं से आरती, अरदास और अजान होती है। बोलने की कला राम से सीखो।
यह बात संत ललितप्रभ सागर ने रविवार को जूना किराड़ू मार्ग स्थित वर्धमान जैन मंदिर के बाहर आयोजित धर्मसभा में कही।
उन्होंने कहा कि घर में वही बहू सास को ज्यादा सुहाती है जो मीठी बोलती है। हम शब्दों को संभालकर बोलें। हमें केवल बोलना ही नहीं आना चाहिए, वरन क्या बोलना, कब बोलना, कैसे बोलना यह भी आना चाहिए। अगर काला व्यक्ति भी सही ढंग से बोलेगा तो लोगों को सुहाएगा। गोरा व्यक्ति अंट-संट बोलेगा तो लोगों को खटकेगा।
बोलने से पहले मुस्कराएं एवं प्रणाम करें
बोलनेकी कला सिखाते हुए संत प्रवर ने कहा कि बोलने से पहले अपने चेहरे और हाथों की स्थिति ठीक कर लें। पहले मुस्कुराकर प्रणाम करें फिर बोलें, यह आपकी वाणी को हजार गुना प्रभावशाली बना देगा। संत प्रवर ने सम्मान के साथ बोलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जब भी बोलें सबको सम्मान देते हुए बोलें। माता-पिता का नाम भी आदर से लें। भाषा में प्लीज, थैंक्यू का भरपूर इस्तेमाल करें।
क्षमा मांगना और क्षमा करना सबसे बड़ा धर्म
इससे पूर्व मुनि शांतिप्रिय सागर ने कहा कि क्षमा मांगना और क्षमा करना ये दुनिया के दो सबसे बड़े धर्म है। जो गलती होने पर क्षमा मांग लेता है और दूसरों से गलती हो जाने पर क्षमा कर देता है, वह सच्चा धार्मिक कहलाता है। जो गलती करके सुधर जाए उसे इंसान कहते हैं।
जो गलती पर गलती करे उसे नादान कहते हैं।जो उससे ज्यादा गलतियां करे उसे शैतान कहते हैं। संत ने कहा कि कहा कि हम केवल उम्र से नहीं, वरन हृदय से भी बड़े बनें। अगर हम किसी की एक गलती माफ करेंगे तो भगवान हमारी सौ गलतियों को माफ कर देगा।
जब से मिले चरण कि मेरे भाग खिल गए
भजन पर खड़े होकर झूमे सत्संग प्रेमी। अशोक जैन ने गुरुजनों के स्वागत में जब से मिले गुरुचरण कि मेरे भाग खिल गए...भजन सुनाया तो सत्संग प्रेमी खड़े होकर झूमने लगे। ललितप्रभ और मुनि शांतिप्रिय सागर श्रद्धालुओं के साथ वर्धमान जैन मंदिर पहुंचे तो मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं जैन जैनेत्तर समाज के श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष रतनमल संखलेचा, पूर्व अध्यक्ष नैनमल भंसाली, जिन शासन विहार सेवा ग्रुप के चंद्रप्रकाश छाजेड़, सोहनलाल बोथरा, शंकरलाल पड़ाहिया, डॉ.रणजीतमल मालू, पवन कुमार मालू, केवलचंद छाजेड़, मुकेश जैन, वीरचंद वडेरा, रतनलाल बोहरा, पारसमल बोहरा मुकेश बोहरा मौजूद थे। मंच संचालन नरेन्द्र श्रीश्रीमाल ने किया।
गांधी चौक स्कूल में प्रवचन आज : सोमवार सुबह 9.15 बजे गांधी चौक स्कूल में विद्यार्थियों के बीच विशेष संबोधन होंगे।
बाड़मेर. जूना किराड़ू मार्ग स्थित वर्धमान जैनमंदिर के आगे आयोजित धर्मसभा में प्रवचनसुनते श्रद्धालु। प्रवचनदेते संत ललितप्रभ सागर।