भूमि अधिग्रहण बिल को कैिबनेट की मंजूरी
824 जेईएन की भर्ती करेगी सरकार
अबपीएचईडी के जूनियर इंजीनियरों की भर्ती विभागीय स्तर पर की जाएगी। अब तक यह भर्ती आरपीएससी के जरिए की जाती रही है। इसके तहत अब विभागीय स्तर पर सरकार 824 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करेगी।
प्रमुखफैसले
{ईसरदाजलप्रदाय परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
{ बाड़मेर लिफ्ट जलप्रदाय योजना में 700 करोड़ रुपए मंजूर।
{171 गांवों में पानी के लिए जैसलमेर-बाड़मेर जलप्रदाय योजना के लिए 451 करोड़ रुपए स्वीकृत।
{ कक्षा 6 से 10 की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के लिए कार्यक्रम चलाने को मंजूरी।
{ इसके तहत 1000 स्कूलों की 3 लाख छात्राओं को स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
{ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जयपुर के 20 स्कूलों की 10,000 छात्राओं के प्रशिक्षण से शुरू होगा।
भूमि अवाप्ति विधेयक के मायने
मौज्ूदाभू-अधिग्रहण विधेयक में जो प्रावधान हैं, उसके कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया में देरी होती है। इसलिए अब संशोधन बिल में केंद्र के एक्ट से अधिक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। केंद्र के प्रावधान के अनुसार शहरी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करने पर डीएलसी दर का दो गुना और ग्रामीण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का प्रावधान है। राज्य में अब इस संशोधन से शहरी क्षेत्र का मुआवजा तो दो गुना ही रखा गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह शहर से 5 किमी की दूरी तक की जमीन पर डीएलसी दर का ढाई से 5 गुना इससे अधिक जमीन होने पर डीएलसी दर का 5 से 9 गुना तक का प्रावधान किया गया है। शेष| पेज 2
मल्टीक्रॉप वाली जमीन केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ही
कैबिनेटके फैसले के अनुसार अब इस प्रस्तावित विधेयक के तहत मल्टी क्रॉप भूमि होने पर सरकार इसे केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए ही ले सकेगी। जैसे रोड बनाने, बिजली की लाइन, पानी की लाइन आदि के लिए ही यह जमीन अधिगृहीत की जा सकेगी।
निजीकंपनियों के लिए अलग प्रावधान
प्रस्तावितविधेयक के तहत यदि कोई प्राइवेट कंपनी जमीन अधिगृहीत करती है तो जिनकी जमीन ले रही है, ऐसे 80 प्रतिशत की सहमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा पीपीपी मोड वाले प्रोजेक्ट के लिए 60 प्रतिशत लोगों की सहमति जरूरी होगी। नगद मुआवजे के स्थान पर 25 फीसदी विकसित भूमि देने का प्रावधान भी किया ग