सुबह देवी की आराधना, शाम को रावण दहन
देवीआराधना के पर्व नवरात्र में नवमी तिथी को सुबह देवी की आराधना होगी, तो शाम को विजयादशमी पर्व में रावण दहन होगा। नवरात्र पर्व में इस बार नवमी और दशमी तिथि एक ही दिन हैं। शास्त्रानुसार दशमी तिथी अपराह्नव्यापिनी होने से नवमी में रही दशमी को विजयादशमी मनाई जाएगी। ज्योतिषविदों के मुताबिक 25 सितंबर को घटस्थापना के साथ नवरात्र शुरू होंगे। नवरात्र 3 अक्टूबर तक चलेंगे। पं.सोहनलाल चंपालाल के अनुसार 2 अक्टूबर को दोपहर 12:08 बजे तक अष्टमी है। इसके बाद नवमी शुरू हो जाएगी, जो 3 अक्टूबर को सुबह 9:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।
क्याकहते हैं शास्त्र
ज्योतिषके अनुसार शास्त्रों में विजयादशमी पर्व आपराह्नव्यापनी तिथी दशमी तिथी और श्रवण नक्षत्र होने के कारण नवमी तिथि में शाम को मनाए जाने का उल्लेख है। इसके अलावा नक्षत्र की प्रधानता होती है। अगर श्रवण नक्षत्र भी विद्यमान हो तो और अधिक श्रेष्ठता जाती है। दशमी तीन मुहूर्त व्यापिनी नहीं होने से ही नवमी में ही 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
नवरात्रपर्व
25सितंबर से शुरू होंगे, इस बार 3 अक्टूबर को एक ही दिन है नवमी और दशमी तिथि
मांगलिक कार्य और पूजन के लिए श्रेष्ठ अक्षय तृतीया और विजय दशमी पर्व अबूझ मुहूर्त के रूप में मान्य हैं। ये मांगलिक कार्य, खरीददारी और पूजन के लिए श्रेष्ठ माने गए हैं। इस दिन वाहनों की बिक्री, स्वर्ण आभूषण की खरीद, व्यापार मुहूर्त आदि कार्य आरंभ श्रेष्ठ रहेगा।
यूं मनेगा नवरात्र पर्व