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स्टूडेंट्स को रास आई सीसीई पैटर्न की पढ़ाई

7 वर्ष पहले
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सर्वशिक्षाअभियान की ओर से गत साल जिले के 99 स्कूलों में सीसीई पैटर्न पर पढ़ाई शुरू की गई। शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए सभी स्कूलों में यह पैटर्न लागू किया जाएगा। गत साल जिले के चयनित स्कूलों को बजट जारी किया गया था।

इस साल सामग्री के लिए बजट आवंटित नहीं हो पाया है। गत साल सभी 99 स्कूलों को कला किट के नाम से 160 रुपए प्रति स्टूडेंट के हिसाब से बजट जारी किया गया। इस साल प्रत्येक स्कूल को पांच सौ रुपए दिए गए हैं। इस कला किट में बच्चों के लिए कलर, कार्ड शीट, पैंसिल आदि सामग्री खरीदी जानी है। संस्था प्रधानों के माध्यम से सीसीई पैटर्न के अनुरूप स्कूलों में पढ़ाई हो रही है।

यहहै उद्देश्य

सीसीई(कंटीन्युअस कॉम्प्रहेंसिव इवेल्यूएशन) के तहत जिन स्कूलों का चयन हुआ, उसमें पढ़ाई का तरीका सीबीएसई पैटर्न पर है। इसमें बच्चों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं होती है। साल में तीन बार सतत मूल्यांकन होता है। बच्चे का शैक्षणिक स्तर कैसा है, इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगले मूल्यांकन में स्थिति सुधरी है या नहीं, यह रिपोर्ट बताना जरूरी होता है। इसमें बच्चों को केवल किताबी ज्ञान के अलावा उनका पर्सनालिटी डवलपमेंट पर ध्यान दिया जाता है।

जारीहुई निरीक्षण रिपोर्ट

सीसीईपैटर्न के तहत चयनित स्कूलों में हो रही गतिविधियों की मॉनीटरिंग के लिए निरीक्षण कर ऑनलाइन रिपोर्ट सबमिट करना जरूरी है। जिले के 99 स्कूलों में निरीक्षण किया गया। इसकी सूचना निदेशालय को भेजी गई है। अभी जिन 99 स्कूलों में सीसीई पैटर्न चल रहा है, उनमें इस साल किताबें नहीं भेजी गई है।

येएक्टिविटी हो रही हैं

एक्टिविटीएक: हरबच्चे की एक फाइल तैयार करनी थी। इसमें उसका शैक्षणिक स्तर क्या है, यह अपडेट करना है। इस संबंध में फाइलें तैयार हुई। गत साल तक अपडेशन भी हुआ। परंतु इस साल फाइलें तैयार करनी है।

एक्टिविटीदो: महीनेमें दो बार बच्चों का स्तर जांचना है। इसमें जो पढ़ाया गया, उसी का मूल्यांकन होना है। स्थिति यह है कि बच्चों का मूल्यांकन हो रहा है, उसकी रिपोर्ट क्या है, यह जिला स्तर पर सबमिट की गई है।

एक्टिविटीतीन: गतसाल बच्चों को किताबों के साथ-साथ वर्कबुक भी दी गई थी। लेकिन इस साल वर्कबुक ही नहीं आई। हकीकत यह है कि गत साल जो वर्कबुक दी गई थी, वह भी भरी नहीं गई थी।

क्याकहते हैं अधिकारी

एसएसएके एडीपीसी राजन शर्मा के अनु