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गौतम स्वामी विनय गुण के भंडार थे:सौम्य गुणाश्री
बाड़मेर. जिनकांतिसागरसूरी आराधना भवन में चल रहे गौतम रास के दौरान कहा कि भगवान महावीर के प्रथम शिष्य इन्द्रभूति गौतम का संपूर्ण जीवनवृत्त है। इसकी रचना तृतीय दादा गुरूदेव जिनकुशल सूरी के शिष्य विनयप्रभा ने की। साध्वीवर्या सौम्य गुणाश्री म.सा. ने कहा कि गणधर गौतम अनन्त गुणों के भण्डार थे,हम उनके एक गुण को भी अपने जीवन में उतारे ले तो इस रास का वाचन करना सफल होगा। गौतम स्वामी विनय गुण के भण्डार थे उन्होंने अपनी प्रत्येक समस्या का समाधान प्रभु महावीर से प्राप्त किया। खरतर गच्छ संघ के उपाध्यक्ष भूरचन्द संखलेचा ने बताया कि संवेग प्रज्ञा म.सा. और श्रमणी प्रज्ञा म.सा. का सोमवार को 25वां उपवास सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि सप्त दिवसीय गौतम रास का सामूहिक पाठ प्रतिदिन हो रहा है।
पंचान्हिकामहोत्सव 17 से: चातुर्मासलाभार्थी परिवार शांतीलाल छाजेड़ ने बताया कि पंचान्हिका महोत्सव की तैयारियां जारी है। उन्होंने बताया कि आराधना भवन,गोलेच्छा ग्राउंड पर विशेष सजावट की जा रही है। उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर को सतरह भेदी महापूजन दोपहर 02 बजे,रात्री भक्ति संध्या 08 बजे संजय भाई एंड पार्टी द्वारा,18 सितम्बर को दादागुरूदेव महापूजन और रात को नाटक और नृत्य कार्यक्रमों की प्रस्तुति स्थानीय कलाकारों द्वारा,19 सितम्बर को गौतम स्वामी महापूजन और रात्री भजन संध्या में दादागुरूदेव के भजनों के विख्यात कलाकार राजीव विजयवर्गीय द्वारा,20 सितम्बर को अभिनंदन समारोह भक्तांबर महापूजन,रात्री भक्ति बैंगलोर के विख्यात कलाकार विपिन पोरवाल की ओर से प्रस्तुतियां दी जाएगी।