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पीएचईडी में उपकरणों का घपला, जांच ठंडे बस्ते में
जलदायविभाग में सरकारी उपकरणों के गड़बड़झाले का मामला प्रकाश में आया है। गडरारोड उपखंड क्षेत्र में एईएन की ओर से लाखों रुपए के सरकारी उपकरणों को खुर्द बुर्द किए जाने की शिकायत के बावजूद भी विभाग के उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की है। विभागीय अधिकारियों की ओर से की गई जांच में भी एईएन को दोषी पाया गया, लेकिन उच्च अधिकारियों की सह पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
गडरारोड के सहायक अभियंता दयालाल के खिलाफ विभागीय स्तर पर हुई जांच में एईएन को दोषी भी माना गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब भारतीय मजदूर संघ ने एईएन के खिलाफ गबन की जांच करने के लिए एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई है। आरोप है कि एईएन ने पंप सैट, इंजन, पुराना सामान, पाइप सहित अन्य सामान का गबन किया है।
यहहै मामला
गडरारोडएईएन दायालाल द्विवेदी ने खलीफे की बावड़ी में पंपों की नई फिटिंग करवाई, लेकिन उसका पुराना सामान जैसे: वाल्व, बेंड एवं अन्य सामान का गबन कर दिया। एईएन दायालाल से पूर्व चार्ज में 210 पंप सैट 95 नए पंप सैट थे। ऐसे में कुल 305 पंप होने चाहिए। जबकि इसमें 160 पंप स्टोर में जमा कराना बताया गया है, लेकिन इश्यू नोट नहीं है। स्टोर से पुरानी केबल, असेंबली पाइप, अन्य इलेक्ट्रिक लोहे का सामान गायब है। इसका को लेकर भी जांच अधिकारियों को कोई जबाव नहीं दिया है। 4 नए सिंगल फेस प्रिवेंटर खरीदना और 94 पुराने फेज प्रिवेंटर को स्टोर में जमा करना बताया, जबकि स्टोर का इश्यू नोट नहीं है। एक पुराना इंजन भी स्टोर में नहीं है। बताया जा रहा है कि उसे रिपेयर के लिए भिजवाया गया, जबकि गडरारोड क्षेत्र में इंजन की कोई योजना भी नहीं चल रही है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कोई रिपेयरिंग की स्वीकृति भी नहीं जारी की गई है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर ये उपकरण कहां गए, बेच दिए या फिर गोलमाल चल रहा है।
जांचभी संदेह के दायरे में
सहायकअभियंता एवं तकनीकी सहायक अभियंता राइजेप खंड बाड़मेर की ओर से की गई जांच पर भी संदेह है। जांच में कई पहलुओं को गोलमाल तरीके से पेश किया है। पुराना सामान सहित कई उपकरणों के स्टॉक में नहीं होने के बावजूद भी एईएन को दोषी मानते हुए कार्रवाई के लिए निर्देशित नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अंत में लिखा है कि लघु समय में जांच किया जाना संभव नहीं है।
एसीबीसे की शिकायत:
एईएनके खिलाफ घोटालों की