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बाड़मेर के वार्ड संख्या 30, 31, 32, 33 का रूबरू कार्यक्रम
ललित शर्मा , पूनमसिंह राठौड़, रितुराज शर्मा, लाखाराम जाखड़,
फोटो - कालू माली , लेआउट - कैलाश चौधरी
बिजली की लाइनें और नाला ठीक हो तो बने स्मार्ट वार्ड
टीम
वार्ड - 33
वार्ड - 30
वार्ड - 32
वार्ड - 31
^पानी निकासी के लिए नाला बना है, लेकिन सफाई नहीं होती। पॉलीथीन की थैलियों के कारण पानी अटका रह जाता है। इससे पूरा वार्ड प्रभावित हो रहा है। सड़कें यहां ठीक नहीं है और पेयजल की समस्या भी है। गंगारामप्रजापत
^बिजलीकी 11 केवी लाइन के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है। इनको शिफ्ट करने की कार्रवाई प्राथमिकता से होनी चाहिए।पानी की सप्लाई ठीक नहीं है, कहीं बिलकुल नहीं आता और कहीं ओवरफ्लो होता है। कचरा उठाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। दिनेशलखारा
^सफाईतो वहां होगी, जहां सड़कें है, यहां तो सड़क ही नहीं है, सफाई की क्या उम्मीद करें। किसी महिला को प्रसव की स्थित हो और उसे अस्पताल ले जाना हो तो यहां गाड़ी तो दूर रिक्शा आने की स्थित भी नहीं है। बिजली के तारों की लाइन की समस्या बड़ी है। नाले में गंदगी बढ़ने के पीछे हम ही जिम्मेदार हैं। कचरा उसी में डाल देते हैं। नीमसिंह
^विकासके काम हुए हैं। इनमें रोड लाइटें और सड़कों का निर्माण शामिल है। इसके बाद भी विकास की और जरूरत है, इसके बिना स्मार्ट वार्ड नहीं बन सकता। भंवरसिंह राजपुरोहित
^वोटरलिस्टें ठीक से नहीं बनती। इसी कारण रहते तो वार्ड 32 में और नाम वार्ड 31 की लिस्ट में आता है। इसको दुरुस्त कराया जाना चाहिए।
लूणसिह
^नगरपरिषद को गौ माता की रक्षा के लिए अहम फैसला लेना चाहिए। गौशाला बनाकर उसमें आवारा पशुओं को रखा जाए तो निदान हो सकता है।
रमेशसिंह
^पार्षदने कोई विकास नहीं कराया है। अब चुनाव आने लगे तो सड़कों का निर्माण होने लगा है। डामर की सड़कें बारिश में टूट जाती है, नालियां भरी पड़ी हैं और कचरा वार्ड में उठता नहीं है। पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। पड़ोसी वार्ड को देखकर विकास करना चाहिए। प्रहलादसिंह महेचा
^वार्डमें विकास के काफी काम कराए हैं। सबसे बड़ी समस्या नाले की है। इसकी ढलान और निकासी का निर्धारण किए बिना ही इसको बनाया गया, जिसके कारण पानी आगे बढ़ने की बजाय वार्ड में फैल रहा है। इसमें क्रॉस ठीक से नहीं बनाए गए हैं। इस पर काफी पैसा खर्च हुआ है। इसमें भ्रष्टाचार भी काफी हुआ है। पार्षद के अधिकार सीमित