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प्रभु के वनगमन पर भक्तों की आंखें भर आईं
हाईस्कूल प्रांगण में चल रही रामलीला को देखने सोमवार को भी लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा। कमेटी के सचिव प्रदीप जोशी ने बताया कि रामायण आरती के बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ।
रामलीला कमेटी प्रभारी राजूसिंह सोढ़ा ने बताया कि रामलीला के चौथे दिन भगवान श्रीराम के जयकारे के साथ मंच शुरू हुआ। राम-विवाह, राजा जनक द्वारा अयोध्या में बारात लाने के लिए पत्रिका भिजवाने का सशक्त मंचन किया। इस बीच रामलीला के दौरान जैसे ही वनगमन का मंचन शुरू हुआ तो पांडाला में मौजूद भक्तों की आंखें भर आईं। वनगमन कैकई के पास मंथरा का प्रवेश आैर राजतिलक की सूचना देकर उसे रुकवाने के लिए भड़काना। राम-लक्ष्मण, कौशल्या, सीता सुमित्रा का कोपभवन में पहुंचने का मंचन भी काफी रोचक रहा जहां कैकई द्वारा वल्कल वस्त्र देकर राम काे वनवास के लिए प्रस्थान करने की आज्ञा देने का सशक्त मंचन किया। राम के अभिनय जनक में पवन परिहार, लक्ष्मण के अभिनय में नाथूसिंह, दशरथ के अभिनय में सुमन शर्मा सीता के अभिनय में हिमांशु शर्मा, कैकई के अभिनय में पवन, मंथरा के अभिनय में खेमीचंद सोलंकी, भरत के अभिनय में कैलाश सोनी, वरिष्ठ के अभिनय में जितेन्द्र फुलवारिया ने अमिट छाप छोड़ी।
बाड़मेर . हाईस्कूल प्रंागण में आयेजित रामलीला के दौरान भगवान का रूप धरे कलाकार।
बाड़मेर. रामलीलाको सुनने के लिए पहुंचे लोग।