पुरुषार्थ कर किस्मत जगाएं : ललितप्रभ
दोअक्षर का लक, ढाई अक्षर का भाग्य, तीन अक्षर का नसीब और साढ़े तीन अक्षर का किस्मत तभी परिणाम देता है, जब उसके साथ चार अक्षर का शब्द मेहनत जुड़ जाता है। दुनिया में दस प्रतिशत लोग ही अपने साथ किस्मत लेकर आते हैं। नब्बे प्रतिशत लोगों को पुरुषार्थ करके ही अपनी किस्मत को जगाना पड़ता है।
यह बात संत ललितप्रभ सागर ने सोमवार को गांधी चौक स्थित एमबीसी राउमावि में प्रवचन के दौरान कही। संत ने कहा हम भाग्य के भरोसे बैठे। दुर्भाग्य के अंधेरे को कोसने की बजाए मेहनत की मोमबत्ती जलाएं। दुनिया में जितने भी शिखर पर पहुंचे उनमें से सत्तर प्रतिशत लोग गरीब, कमजोर और फटेहाल तबके से थे। लेकिन उन्होंने भाग्य के भरोसे रहना कबूल किया, खुद का निर्माण किया, खुद को आगे बढ़ाया और मेहनत के बलबूते सफलता के झंडे गाड़े।
सफलताका पहला सूत्र
सफलताका पहला सूत्र मेहनत है। जब अंधी, गूंगी और बहरी बच्ची मेहनत करके दुनिया की महान लेखिका हेलन केलर बन सकती है। हमें तो भगवान ने सब कुछ दिया फिर हम कुछ क्यों नहीं बन सकते। उन्होंने भाग्य को कमजोर करने वाले वाक्यों को जीवन से हटाने की प्रेरणा दी।
स्वयंको कमजोर समझें
संतने कहा कि धरती पर जितने भी लोग हैं। सभी को भगवान ने समान योग्यताएं देकर भेजा है। फर्क केवल उन योग्यताओं का उपयोग करने करने का है। जिंदगी का कोई कोई लक्ष्य जरूर बनाएं। लक्ष्य को पाने की योजना बनाएं, योजना के अनुरूप आत्मविश्वास से निरंतर प्रयास करें। संत ने हिम्मत हारे मत बैठो...भजन सुनाया तो सभी छात्र जोश से भर गए।
प्रसन्नमन से करें हर दिन की शुरुआत
डॉ.मुनि शांतिप्रिय सागर ने कहा कि हम हर दिन की शुरुआत स्वस्थ मन से करें। सुबह जब हम उठें तो हमारे चेहरे पर मुर्दानगी नहीं मर्दानगी हो। संत ने कहा कि जल्दी उठने और जल्दी सोने वाले सदा स्वस्थ, बुद्धिमान और धनवान रहते हैं। प्रधानाचार्य पन्नाराम चौधरी, प्रभारी किशोर सिंह, शिक्षक वेदराज बोहरा, प्रकाश सिंह, रश्मिकांत मेहता, पुष्पा मंगल ललिता जैन ने संतों का स्वागत किया। कार्यक्रम में जैन श्री संघ अध्यक्ष सम्पत बोहरा, खरतरगच्छ संघ अध्यक्ष रतनमल संखलेचा, अशोक कुमार मालू, बाबूलाल बोकडिय़ा अशोक जैन मौजूद थे। माल गोदाम रोड स्थित राबाउमावि में प्रवचन मंगलवार को संत सुबह 9.15 बजे मोचियों का वास स्थित राबाउमावि में व्यक्तित्व विकास परक विशेष उद्बोधन देंगे।
बाड़मेर. गांधी चौक स्कूल में प्रवचन सुनते विद्यार्थी।
प्रवचन देते संत ललित प्रभ सागर।