महिलाओं का दर्द छलका, बयां की दास्तां
राजस्थानमहिला आयोग की अध्यक्ष लाड कुमारी जैन की सुनवाई में पीड़ित महिलाओं ने व्यथा बयां करते अपना दु:खड़ा सुनाया। किसी ने दहेज के लिए सुसराल पक्ष की ओर से प्रताड़ित करने तो किसी ने पुलिस में मामला दर्ज नहीं करने की बात रखी। जैन ने सिलसिलेवार सभी महिलाओं से रूबरू होते हुए समस्याएं सुनी। इस दौरान करीब तीस महिलाओं ने शिकायतें दर्ज करवाई।
भरणपोषण की राशि दिलाएं
सुनवाईमें कांता प|ी रूपकिशोर गौड़ ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2008 में रूपकिशोर पुत्र जेठाराम निवासी सवाऊ पदमसिंह के साथ हुई थी। शादी में मेरे पिता ने स्वेच्छा से दहेज दिया। शादी के एक साल बाद मुझे ससुराल वाले परेशान करने लगे। मारपीट प्रताड़ित करने पर बीते दो साल से पीहर में बैठी हूं। इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाने पर महिला परामर्श केन्द्र से राजीनामा करवाया गया। बाद में ससुराल चली गई, लेकिन फिर मेरे साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद में पीहर में हूं, ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर मुझे भरण पोषण दिलाए।
मेरीजान को खतरा है
उतरलाईरोड निवासी एक विवाहिता ने लिखित में शिकायत पेश कर बताया कि 15 अगस्त को मोहम्मद अकबर उसके साथियों ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इस आशय का महिला थाना में मामला दर्ज है। कोर्ट में 164 के तहत बयान हो चुके है, लेकिन आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए। वे मुझे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
जातीयपंचों का सितम
कानासरनिवासी संगीता प|ी नारायणदास ने बताया कि मेरे परिवार को वैवाहिक घटना को लेकर जातीय पंचों ने समाज से बहिष्कृत कर रखा है।
इस संबंध में पुलिस थाना शिव में जातीय पंच हनुमान दास, लालचंद समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। लेकिन आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए। वे समाज में वापस लेने के लिए एक लाख रुपए देने का दबाव बना रहे हैं। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से कई बार न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
बाड़मेर. सर्किट हाउस में महिला से समस्या सुनते राज्य महिला आयोग अध्यक्ष लाड कुमारी जैन