पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अस्पताल में अनियमितता, मरीज परेशान

अस्पताल में अनियमितता, मरीज परेशान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कवास. स्वास्थ्य केंद्र के बंद पड़े अन्य रूप पर लगा ताला।

कवास. बंदपड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का काउंटर।

भास्कर न्यूज | कवास

आमजनको बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले। इसको लेकर सरकार पैसा पानी की तरह बहा रही है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कवास में व्याप्त अनियमितता के चलते मरीज परेशान है। जिला मुख्यालय से मात्र 30 किलोमीटर दूर बायतू उपखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कवास में मंगलवार शाम 7 बजे भास्कर टीम पहुंची तो अस्पताल का दरवाजा बाहर से बंद मिला। साथ ही पीछे के गेट से अंदर देखा तो कोई स्टॉफ नहीं था।

कवास सीएसी में कुल 6 चिकित्सक 1 सीनियर मैल नर्स एवं 7 जीएनएम तथा 1 एएनएम 2 एनआरएचएम के पद स्वीकृत है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तीन चिकित्सक, एक मेल नर्स एवं पांच जीएनएम कार्यरत है। साथ ही 2 डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर है। एक एएनएम और एक एनआरएचएम पद खाली है। लेकिन चिकित्सालय के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मरीज परेशान है। इतना ही नहीं दोपहर 1 बजे के बाद केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुला रहता है, लेकिन स्टाफ सारा नदारद रहता है। ऐसे में दिन में आने वाले मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों नीम हकीम का सहारा लेना पड़ता है। साथ ही शाम छह बजे के बाद अस्पताल को बंद कर दिया जाता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सरकारी आदेशों के अनुसार 24 घंटे सेवा सुचारू होनी चाहिए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चार चिकित्सकों में एक तो अक्सर अवकाश पर ही रहते हैं। शेष में दो चिकित्सक पति-प|ी दोनों में लगे हुए है उनमें प|ी सिर्फ सप्ताह में एक-दो बार आकर अपने हस्ताक्षर करके चली जाती है।

डिलीवरीके दौरान ज्यादा परेशानी

कवाससामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आबादी के हिसाब से रोज केंद्र पर दो चार डिलीवरी के केस आते हैं, लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत स्टाफ द्वारा सहयोग नहीं कर उन्हें जिला मुख्यालय पर रैफर कर दिया जाता है। हाल ही में डिलीवरी करवाने आए लखसिंह और मुनासिंह ने बताया कि चिकित्सा स्टाफ एनआरएचएम द्वारा डिलीवरी के पैसे मांगे गए हमने पैसे देने में असमर्थता दिखाई तो उन्हें पैचिदा डिलीवरी का डराकर बाड़मेर रैफर कर दिया। ऐसे में ग्रामीण और मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

^सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र कवास में 24 घंटे सेवाएं सुच