बाड़मेर। नएबोर्ड का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा, लेकिन शहर के लिए बजट में कोई विशेष सौगात नहीं है। इस बार का बजट गत वर्ष के मुकाबले आधा रह गया है। बजट में कोई बड़ा प्रोजेक्ट और योजना नहीं है। शहर में सीवरेज और साफ-सफाई पर सबसे ज्यादा खर्च किया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में परिषद को कोई आय नहीं हुई है। ऐसे में नगर परिषद के लिए नया बजट किसी चुनौती से कम नहीं है।
नगर परिषद से शहर की जनता को कई उम्मीदें हैं। बोर्ड का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद की ओर से पार्षदों की बैठक बुलाई गई है। शहर के विकास को लेकर बजट में क्या मिलेगा, यह हर कोई जानना चाहता है, लेकिन इस बार का बजट निराशाजनक रहने की आशंका है। बजट में कोई बड़ी साैगात नहीं है। पुल बनेगा और अंडरब्रिज और कोई बड़ा प्रोजेक्ट। वर्ष 2014-15 के मुकाबले इस बार के बजट की राशि को आधा कर दिया है। यानि 1848 लाख की कटौती की है। हालांकि नगर परिषद का कहना है कि बजट आय के आधार पर बनाया जाता है। वर्ष 2014 में लोकसभा नगर परिषद चुनाव होने से ज्यादा आय नहीं हुई है।
सीवरेज और सड़क के लिए 6-6 करोड़
वर्ष2015 के प्रस्तावित बजट में सीवरेज सड़क पर 6-6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अब तक आधा शहर सीवरेज से महरूम है, उन मोहल्लों में सीवरेज पर काम होगा। इसके अलावा टूटी सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नाले-नालियों की मरम्मत निर्माण पर 350 लाख, सफाई व्यवस्था पर 140 लाख रुपए खर्च किए जाने की योजना है।
चुनावोंमें बीता साल, आय नहीं
वर्ष2014 चुनावों में बीत गया। मई में लोकसभा और नवंबर में नगर निकाय के चुनाव थे। इस कारण अधिकांश समय चुनाव आचार संहिता में बीत गया। नगर परिषद की आय कृषि भूमि नियमन, भूमि अधिग्रहण विक्रय से होती है, लेकिन वर्ष 2014 में ये काम नहीं होने से आय भी नहीं हुई।
बजटपेश होना जरूरी
राजस्थाननगर पालिका अधिनिमय 2009 की धारा 87, 88 के अंतर्गत नगरीय निकायों वर्ष 2015-16 की आय व्यय का अनुमानित बजट 15 फरवरी से पहले पेश किया जाना जरूरी है। इस समय तक बजट पेश नहीं होता है तो 28 फरवरी तक इसकी स्वीकृति राज्य सरकार को भेजी जानी जरूरी है। हालांकि सरकार की ओर से 13 14 फरवरी को जयपुर में सभापतियों और आयुक्तों की कार्यशाला बुलाई गई है, लेकिन सभापति लूणकरण बोथरा का कहना है कि बैठक से जरूरी बजट है। जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को बजट पेश किया जाएगा।
लागूहोगी एकल खिड़की व्यवस्था
अबतक जनता की शिकायत रही है कि नगर परिषद में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अब बोर्ड की ओर से एकल खिड़की व्यवस्था लागू किए जाने की योजना है। इसके तहत किसी भी काम के लिए शहर की जनता को एकल खिड़की पर फाइल जमा करवानी होगी। इसके बाद नगर फाइल चैनल के जरिए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के पहुंचेगी। तय समय में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब तक जनता खुद काम करवाने के लिए नगर परिषद में अधिकारियों कर्मचारियों के पीछे भटकती थी, लेकिन यह व्यवस्था लागू होने के बाद जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए इस बजट में भी विशेष प्रावधान किया गया है।
पास में 3.89 करोड़
गतवर्ष के मुकाबले इस बार घाटे का बजट पेश होगा। वर्ष 2014 में 5459.16 लाख का बजट था। इस बार वर्ष 2015 के लिए 3611.34 लाख रुपए बजट पेश होगा। वर्ष 2014-15 में नगर परिषद के पास 2445.08 लाख रुपए प्रारंभिक बजट था, जबकि इस बार 389.58 लाख रुपए ही बजट है।
शुरूनहीं हुआ काम
तिलकबस स्टैंड पर सिटी कॉम्पलेक्स भवन का निर्माण करने के लिए वर्ष 2014 के बजट में घोषणा की गई थी, लेकिन कोई काम नहीं हुआ है। यहां तक इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। बोर्ड के पास पर्याप्त बजट नहीं होने से इस बार के बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।
सीवरेज और सड़क के लिए 6-6 करोड़
वर्ष2015 के प्रस्तावित बजट में सीवरेज सड़क पर 6-6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अब तक आधा शहर सीवरेज से महरूम है, उन मोहल्लों में सीवरेज पर काम होगा। इसके अलावा टूटी सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नाले-नालियों की मरम्मत निर्माण पर 350 लाख, सफाई व्यवस्था पर 140 लाख रुपए खर्च किए जाने की योजना है।
चुनावोंमें बीता साल, आय नहीं
वर्ष2014 चुनावों में बीत गया। मई में लोकसभा और नवंबर में नगर निकाय के चुनाव थे। इस कारण अधिकांश समय चुनाव आचार संहिता में बीत गया। नगर परिषद की आय कृषि भूमि नियमन, भूमि अधिग्रहण विक्रय से होती है, लेकिन वर्ष 2014 में ये काम नहीं होने से आय भी नहीं हुई।
बजटपेश होना जरूरी
राजस्थाननगर पालिका अधिनिमय 2009 की धारा 87, 88 के अंतर्गत नगरीय निकायों वर्ष 2015-16 की आय व्यय का अनुमानित बजट 15 फरवरी से पहले पेश किया जाना जरूरी है। इस समय तक बजट पेश नहीं होता है तो 28 फरवरी तक इसकी स्वीकृति राज्य सरकार को भेजी जानी जरूरी है। हालांकि सरकार की ओर से 13 14 फरवरी को जयपुर में सभापतियों और आयुक्तों की कार्यशाला बुलाई गई है, लेकिन सभापति लूणकरण बोथरा का कहना है कि बैठक से जरूरी बजट है। जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को बजट पेश किया जाएगा।
लागूहोगी एकल खिड़की व्यवस्था
अबतक जनता की शिकायत रही है कि नगर परिषद में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अब बोर्ड की ओर से एकल खिड़की व्यवस्था लागू किए जाने की योजना है। इसके तहत किसी भी काम के लिए शहर की जनता को एकल खिड़की पर फाइल जमा करवानी होगी। इसके बाद नगर फाइल चैनल के जरिए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के पहुंचेगी। तय समय में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब तक जनता खुद काम करवाने के लिए नगर परिषद में अधिकारियों कर्मचारियों के पीछे भटकती थी, लेकिन यह व्यवस्था लागू होने के बाद जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए इस बजट में भी विशेष प्रावधान किया गया है।
सीवरेज और सड़क के लिए 6-6 करोड़
वर्ष2015 के प्रस्तावित बजट में सीवरेज सड़क पर 6-6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अब तक आधा शहर सीवरेज से महरूम है, उन मोहल्लों में सीवरेज पर काम होगा। इसके अलावा टूटी सड़कों की मरम्मत, डामरीकरण पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नाले-नालियों की मरम्मत निर्माण पर 350 लाख, सफाई व्यवस्था पर 140 लाख रुपए खर्च किए जाने की योजना है।
चुनावोंमें बीता साल, आय नहीं
वर्ष2014 चुनावों में बीत गया। मई में लोकसभा और नवंबर में नगर निकाय के चुनाव थे। इस कारण अधिकांश समय चुनाव आचार संहिता में बीत गया। नगर परिषद की आय कृषि भूमि नियमन, भूमि अधिग्रहण विक्रय से होती है, लेकिन वर्ष 2014 में ये काम नहीं होने से आय भी नहीं हुई।
बजटपेश होना जरूरी
राजस्थाननगर पालिका अधिनिमय 2009 की धारा 87, 88 के अंतर्गत नगरीय निकायों वर्ष 2015-16 की आय व्यय का अनुमानित बजट 15 फरवरी से पहले पेश किया जाना जरूरी है। इस समय तक बजट पेश नहीं होता है तो 28 फरवरी तक इसकी स्वीकृति राज्य सरकार को भेजी जानी जरूरी है। हालांकि सरकार की ओर से 13 14 फरवरी को जयपुर में सभापतियों और आयुक्तों की कार्यशाला बुलाई गई है, लेकिन सभापति लूणकरण बोथरा का कहना है कि बैठक से जरूरी बजट है। जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को बजट पेश किया जाएगा।
लागूहोगी एकल खिड़की व्यवस्था
अबतक जनता की शिकायत रही है कि नगर परिषद में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अब बोर्ड की ओर से एकल खिड़की व्यवस्था लागू किए जाने की योजना है। इसके तहत किसी भी काम के लिए शहर की जनता को एकल खिड़की पर फाइल जमा करवानी होगी। इसके बाद नगर फाइल चैनल के जरिए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के पहुंचेगी।
तय समय में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब तक जनता खुद काम करवाने के लिए नगर परिषद में अधिकारियों कर्मचारियों के पीछे भटकती थी, लेकिन यह व्यवस्था लागू होने के बाद जनता को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए इस बजट में भी विशेष प्रावधान किया गया है।