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अस्पताल बदहाल, मरीज परेशान

6 वर्ष पहले
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सेडवापंचायतसमिति सदस्य लक्ष्मणराम जाखड़ ने बताया कि सेडवा के उपस्वास्थ्य केंद्र वाधा के आगे धरना गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे समाजसेवी रतनलाल ने बताया कि लंबे समय से उप स्वास्थ्य केंद्र की सुध लेने वाला कोई नहीं है। धरने पर बैठे पूर्व सरपंच खेमाराम मेघवाल रतनलाल लोल की तबीयत बिगड़ने लगी है। ग्रामीण खेती कार्य को छोड़कर धरना स्थल पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र में मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग सतर्क नहीं

रावतसर.ग्रामपंचायत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले दो साल से एक मात्र कंपाउंडर के भरोसे संचालित हो रहा है। एएनएम का पद भी रिक्त है। अभी एक माह के भीतर रावतसर में दो लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। दो की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। स्वाइन फ्लू के रोगी सामने आने के बावजूद चिकित्सा विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है। स्कूलों ढाणियों में टेमी फ्लू अन्य दवाइयां वितरण की गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र में दिनों दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने बीसीएमओ से संपर्क कर एएनएम उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम लगाने टेमी फ्लू सहित अन्य दवाइयां वितरित करने की मांग की है।

^रावतसरमें एएनएम का पद भरने की की कोशिश कर रहे हैं। काफी जगह टेमी फ्लू बांटी है। स्कूलों अन्य जगहों पर दवाइयां एक-दो दिन में वितरित की जाएगी। अर्जुनविश्नोई, ब्लाक सीएमओ सिणधरी

बायतु. अस्पताल में जांच कराने आए मरीजों की भीड़।

बायतु. अस्पतालमें व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते मरीज परेशान है। अस्पताल में पर्ची काउंटर होने से मरीजों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। चारदीवारी के अभाव में अस्पताल के चारों ओर आवारा पशुओं का जम घट लगा रहता है।धूल फांक रही सोलर प्लेटें : विभाग ने अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं के गर्म पानी की सुविधा के लिए सोलर प्लेटें लगाई गई। जिस समय ये प्लेटें लगाई उस दौरान अधिकारियों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रसव रूम में जच्चा-बच्चा की सुविधा के लिए अस्पताल की छत पर सोलर प्लेटें लगाई गई हैं।

अस्पताल प्रशासन ने सोलर प्लेटें लगाने के साथ ही उसका भुगतान भी कर दिया। लेकिन तो टंकी लगाई गई और प्लेटों का कनेक्शन हुआ। कड़ाके की ठंड में भी प्रसव रूम में ठंडा पानी ही उपयोग में लिया गया। परिजन जरूरत पड़ने पर अस्पताल से बाहर जाकर किसी होटल से गर्म पानी करवा कर लाते हैं। मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा तो होती है लेकिन समाधान के नाम पर महज कागजी कार्यवाही। मरीज माधुसिंह ने बताया कि अस्पताल में बीसीएमओ का पद रिक्त होने से मरीज परेशान है।

^सोलरप्लेटें लगाए करीब पांच साल से अधिक समय हो गया। प्लेटें लगाने के अलावा अन्य काम नहीं होने से सोर प्लेटों का उपयोग नहीं हो रहा है। सीएमएचओ बनने के बाद अभी फिलहाल बाड़मेर हूं। बायतु देखकर ही बता सकते हैं कि कितना तथा कब हुआ भुगतान। डॉ.सुनिलकुमार बिष्ट, सीएमएचओ बाड़मेर