बाड़मेर। स्वाइन फ्लू बीमारी को लेकर लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है। शहर में लोग मुंह पर स्कार्फ या मास्क लगाकर घूम रहे हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल में भर्ती 12 मरीजों में एक मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने पर उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया, जबकि दो लोगों की नेगेटिव रिपोर्ट आई है।
देवी प|ी मगाराम निवासी मौखाब को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने पर जोधपुर रेफर किया गया। उदय पुत्र नगराजसिंह नेहरू नगर बाड़मेर मरुबा प|ी शंकरलाल निवासी चौखला की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। गुरुवार को रामाराम पुत्र सुराराम (50) निवासी चाडी राधा बाई प|ी जुम्मा खां (35) कुंदनपुरा सेड़वा स्वाइन फ्लू संदिग्ध होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया।
जागरूकता के नाम पर खानापूर्ति
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सबसे जरूरी लोगों में जागरूकता होना है, लेकिन इस बार इसको लेकर कोई प्रयास नजर नहीं रहे हैं। शहर में इक्का-दुक्का जगह पर ही पोस्टर चस्पां हैं। बस स्टैंड रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग नहीं हो रही है।
जांच की व्यवस्था जिला अस्पताल में जरूरी : जिले के लोगों की मांग है कि स्वाइन फ्लू बीमारी का प्रकोप ज्यादा है। स्वाइन फ्लू पीड़ित मरीज की जांच जिला अस्पताल में हो, इसके लिए जनप्रतिनिधि भी रुचि दिखाए। जांच समय पर नहीं आने से इलाज में हो रही देरी के कारण स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीजों की माैत भी हो रही है।
सिणधरी. क्षेत्र में इन दिनों सर्दी, बुखार एवं खांसी के मरीजों की संख्या में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। सीएचसी क्षेत्र बामणी निवासी रुखमों प्रजापत को पंद्रह दिन पूर्व बुखार आया। इसके बाद उसे उपचार के लिए जोधपुर एमडीएम ले जाया गया जहां जांच के बाद गुरुवार को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव की रिपोर्ट आई। इसके बाद विभाग हरकत में आया और डॉ.प्रफुल कुमार के नेतृत्व में बामणी क्षेत्र में स्क्रीनिंग करवाई है।