पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दो लाख में तय हुई, ढाई लाख की डील

दो लाख में तय हुई, ढाई लाख की डील

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नकलीनाेटों के कुख्यात तस्कर नबिया की गिरफ्तारी के बाद कई चौकानें वाले राज खुले हैं। गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है, की नबिया ढाई लाख नकली नोटों की खेप तस्कर हेमाराम के मार्फत प्रेमाराम को दो लाख रुपए में देना तय हुआ था। पुलिस ने हेमाराम प्रेमाराम से सैंपल के 500 रुपए के दो-दो नकली नोट भी बरामद किए है। जो डील से पहले उन्हें सैंपल के लिए दिए थे। साथ ही ढाई लाख की डील के लिए तय दो लाख रुपए की भारतीय मुद्रा भी बरामद की। हालांकि नबिया अभी तक पुलिस को कई मामलों में गुमराह कर झूठ बोल रहा है, इससे पुलिस अन्य तस्करी के अड्डों तक नहीं पहुंच पाई हैं।

बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से तस्करों का जाल फैला हुआ है। कुछ दिन पूर्व ही पकड़े गए कुख्यात तस्कर नबिया के बाद अधिकांश तस्कर भूमिगत हो गए। नबिया की निशानदेही पर करीब दो दर्जन लोगों से पुलिस ने पूछताछ की हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। नबिया से पुलिस गहन पूछताछ कर हथियार, आरडीएक्स या नकली नोट की खेप को लेकर जानकारी जुटाने में जुटी हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व नबिया के घर से 95 कारतूस बरामद हुए थे, जो संभवत पाक से मंगवाए गए थे। ऐसे में पुलिस एटीएस सतर्कता से पूछताछ कर हथियारों की खेप पकड़ने में लगी हैं।

पहले सैंपल नोट, फिर होनी थी डील

एटीएस के अधिकारी बाड़मेर में

सीमावर्ती थाने एएसआई के भरोसे

बाड़मेरसरहदी थाने दशकों से स्टाफ की कमी का दंश झेल रहे हैं। थानों में इंस्पेक्टर के पद तो स्वीकृत हैं, लेकिन सदियों से थाने एएसआई के भरोसे ही चल रहे है। स्टाफ की कमी सुरक्षा में चूक साबित हो रही हैं। 7 में से 6 थाने तो एएसआई के भरोसे हैं। जबकि साईडी की चौकियां वर्षों से तालों में कैद हैं, ऐसे में बॉर्डर पार से आने वाले हथियार, आरडीएक्स नकली नोटों की खेप पर अंकुश नहीं लग पा रहा हैं। पिछले दस वर्षों में बाड़मेर के सीमावर्ती गांवों में कई बड़ी खेप मिली हैं। उनमें आरडीएक्स, हथियार, नकली नोट शामिल हैं। सीमा से इस नेटवर्क को हटाने के बाद वर्ष 2009 में मारूड़ी के पास हथियारों का बड़ा जखीरा पकड़ा गया। थार एक्सप्रेस से जाली नोट पाक से आए है। इसके अलावा अन्य घटनाएं हुई है। सीमा चौकियों पर ताले और पुलिस थानों में स्टाफ की कमी तस्करी के मामलों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही हैं।

गुम