परिवारवाद रहा हावी
क्षेत्र के गांव खिड़ौरा में पंचायत चुनाव मे प्रधान रीमा गुर्जर चुनी गई हैं तो वही ग्राम पंचायत खिड़ौरा का सरपंच ध्रुवेन्द गुर्जर चुने गए।
ध्रुवेन्द गुर्जर पूर्व प्रधान लाखन सिंह के सुपुत्र है तथा रीमा गुर्जर प्रधान के भाई के बेटे की बहू है। लाखन सिंह राजनीति मे लम्बे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे है। पंचायत चुनाव 2010 में पंचायत समिति प्रधान लाखन सिंह चुने गए तथा उनकी प|ी निर्विरोध सरपंच चुनी गई थी लाखन सिंह पूर्व मे खिड़ौरा पंचायत के सरपंच रह चुके है। लेकिन इस बार चुनाव मे उन्होंने शिक्षा की अनिवार्यता के चलते परिवार के बेटे तथा बहू को चुनावी मैदान में उतारा तथा फिर से राजनीति मे अपना दबदबा कायम किया।
बिनाभेदभाव क्षेत्र के विकास का वादा- रीमा
निर्वाचितसदस्यों ने जिस आशा के साथ मुझे प्रधान योग्य समझकर इस पद तक पहुंचाया है, मैं बिना भेदभाव के क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा कटिबंध होकर प्रयास करती रहूंगी। यह बात पंचायत समिति बसेड़ी की नवनिर्वाचित प्रधान रीमा गुर्जर ने गांव खिड़ौरा मे ग्रामीणों के स्वागत समारोह के दौरान कही। इस दौरान प्रधान के आवास के बाहर हजारों समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा तथा नवनिर्वाचित प्रधान का स्वागत किया।
पुलिसने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रधानपद के चुनाव के दौरान पंचायत समिति एवं आसपास के इलाकों में भारी संख्या मे पुलिस जाप्ता मौजूद था। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक ताराचंद थाना प्रभारी मोर्चा संभाले रहे तथा किसी भी व्यक्ति को 200 मीटर के दायरे मे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
भाजपा के ही वोटों में लगी सेंध
पंचायतसमिति सदस्यों के चुनाव मे कांग्रेस भाजपा के 10-10 सदस्य चुने गए थे। लेकिन मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी को केवल 9 वोट ही मिल पाए कांग्रेस ने भाजपा के 1 वोट को अपने पक्ष में करके भाजपा के गढ़ में सेंध लगा दी। जिससे भाजपा की अंतरकलह जाहिर हो गई है।