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बांध में जमा पानी से 80 दिन नहर चलने की उम्मीद

7 वर्ष पहले
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पितृ पक्ष की शुरूआत से अब तक हुई बारिश से पार्वती बांध में सवा तीन फीट पानी की आवक हुई है। बांध में इस सीजन हुई पानी की आवक एवं जल भराव की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र की रवी की फसल के लिए ढाई से तीन माह के तक सिंचाई के लिए पानी मिलने के आसार है।

बांध में इस समय कुल 212.60 मीटर पानी मौजूद है जो कुल भराव क्षमता से 2.31 मीटर कम है। जल संसाधन विभाग की माने तो बांध में साढ़े आठ मीटर पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध है। जिससे सैंपऊ एवं बसेड़ी क्षेत्र को रवी की फसल तैयारी से लेकर पकाव के दौरान 75 से 80 दिन सिंचाई के लिए पानी मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि इस बीच और बारिश होती है तो आंकड़ा कुछ दिन और बढ़ सकता है।

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता एसके सिंह ने बताया कि सीजन की बारिश से बांध में पानी का गेज 223.41 मीटर के मुकाबले 221.10 मीटर है। ऐसे में बांध के डैड स्टोरेज 212.60 मीटर से ऊपर जो पानी उपलब्ध है उससे ढाई से तीन माह के बीच नहरों में आराम से पानी चलाया जा सकता है।

नहरों की सफाई मरम्मत की मांग

रैनीसीजन के कारण बदहाल स्थिति को पहुंची नहर एवं माइनरों में झाडियों की सफाई और कटों की मरम्मत के संबंध में सैंपऊ नहर अध्यक्ष रामबीर सिंह परमार ने जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम एवं जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता को पत्र लिखा है। इसमें रवी की फसल की बोवनी शुरू होने से पहले मुख्य नहर सहित क्षेत्र की माइनरों की मरम्मत एवं झाडियों की सफाई कराने की मांग की है। परमार ने पत्र में लिखा है कि हर बार विभाग के देरी से चेतने के कारण बोवनी के लिए किसानों को पानी समय से नहीं मिल पाता हैं। जिसके चलते फसल तैयारी में पिछडऩे के साथ किसानों को तमाम परेशानी उठाकर पारंपरिक जल श्रोतों पर आश्रित होकर फसल तैयारी के इंतजाम करने पड़ते है।

सैपऊ. क्षतिग्रस्त मुख्य नहर के अंदर उगी झाडियां।