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सात घंटे में पांच किमी क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए
जयपुर-गंगापुरस्टेट हाइवे पर बस्सी चक से कृषि मंडी तक पांच किमी लंबी सड़क पर अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान प्रशासन प्रभावशाली व्यक्तियों के सामने नतमस्तक होकर रह गया। प्रशासन ने गुरुवार को केवल चंद थडिय़ां और टीन शेड हटाकर कार्रवाई की इतिश्री कर दी। वहीं अभियान की शुरुआत में ही बस्सी चक पर ही प्रशासन के बरते जा रहे भेदभाव पर जनता ने हंगामा मचा दिया। यहीं से अभियान केवल दिखावा बनकर रह गया।
नवंबरमें दिए थे नोटिस : गत8 नवंबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग की लिस्ट के आधार पर तहसीलदार ने स्थायी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन उनमें से एक भी अतिक्रमणकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में उपखंडाधिकारी अशोक योगी, तहसीलदार मनमोहन मीणा, सानिवि के सहायक अभियन्ता गोवर्धन मीणा, थाना इंचार्ज अजय शर्मा सहित पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।
अतिक्रमणमुक्त करने का दावा : सुबहआठ बजे से दोपहर करीबन 3 बजे तक चली कार्रवाई में दो जेसीबी एवं दो ट्रॉलियों की सहायता से पांच किमी लंबी सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का दावा किया। इस क्षेत्र में सानिवि ने सर्वप्रथम किए गए सर्वे में 499 अतिक्रमण चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें 327 अस्थायी तथा 172 स्थायी प्रकृति के रूप में वर्गीकृत किए गए थे।
जिलापार्षद का निर्माण छोड़ने पर वबाल : बस्सीचक पर जिला पार्षद बेनीप्रसाद कटारिया के मकान के आगे नाले पर बने पक्के निर्माण को नहीं तोड़ने पर ग्रामीणों ने वबाल मचा दिया तथा एसडीएम से आगे कोई कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बाद में ग्रामीणों का विरोध देख एसडीएम ने दिखावे के लिए पार्षद के मकान के आगे जमा मिट्टी को हटवा दिया, जबकि नाले पर हो रहे निर्माण को ज्यों का त्यों छोड़ दिया। बाद में अपनी इस गलती को छिपाने के लिए उपखंड प्रशासन ने बस्सी चक से आगे तक की कार्रवाई में कहीं भी नाले पर से कोई निर्माण नहीं हटाया।
छहसाल से रोडवेज बस नहीं चली, फिर भी बुकिंग सेंटर को छोड़ा : कस्बेके मुख्य बस स्टैंड पर मौजूद रोडवेज के बुकिंग खिड़की को छोड़ दिया गया, जबकि कस्बे में छह साल से रोडवेज की बस सेवाएं बंद पड़ी हैं। रोडवेज के स्थान पर लो फ्लोर बस सेवा संचालित हो रही है।
बस्सी. कस्बेके मुख्य बस स्टैंड पर ग्राम पंचायत की गुमटी तोड़ती जेसीबी।