भागवत श्रवण मात्र से ही कट जाते हैं पाप
बस्सी | भागवतकथा संसार में सब दुखों को हरने वाली है। जीवन में नाना प्रकार के कर्मों में रत रहने से हमसे जाने अनजाने अनायास ही बहुत कुछ ऐसा हो जाता है जो हमारे पाप कर्मों का कारण बनता है। पूर्ण मनोयोग से भागवत कथा सुनने मात्र से ऐसे पापों का क्षय होता है। मंगलवार को भागवत कथा के वाचन के दौरान कथावाचक महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरि महाराज ने भागवत का महात्म्य बताते हुए यह बात कही। आज सप्ताह भर से चल रहे श्रीमदभागवत कथा ज्ञान गंगा यज्ञ का समापन भी हुआ। इस दौरान महामंडलेश्वर ने अनुसूइया, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत, गजेंद्र मोक्ष, महारास लीला सहित भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया गया। समापन से पहले सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का वाचन किया गया। व्यवस्थापक भैंरू लाल जांगिड़ के अनुसार भागवत कथा के अंतिम दिन कथा के उपरांत हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया गया।