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धर्म की जड़ रहती है सदा हरी

5 वर्ष पहले
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मूर्तियों की प्रतिष्ठा के लिए तेवड़ी में बैठक

बस्सी | जिसप्रकार किसान अपनी सारी उपज को काम में ना लेकर उसका कुछ हिस्सा भविष्य के लिए जमा रखता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी भविष्य के लिए पुण्यों को संचित रखना चाहिए। ये बात जैन मुनि प्रमाण सागर महाराज ने बुधवार को कस्बे के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मन्दिर बड़ा में अपने प्रवचनों के दौरान कही। इस दौरान संघस्थ मुनि विराटसागर महाराज एवं ब्रह्मचारी त्रिलोक भैया भी उपस्थित रहे।

अपने प्रवचनों के दौरान मुनि प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि हमारे तीर्थंकरों ने तमाम वैभव और एश्वर्य के साधन होने के उपरांत भी तपस्या के कठिन मार्ग को चुना। और अपने पुण्यों का संचय करते हुए तीर्थंकर पदवी को धारण किया। इसी प्रकार उन्होंने धर्मकार्य के लिए किए गए दान को शाश्वत बताते हुए भोग-विलास पर खर्च किए धन को विनाश का कारण बताया। इसके उपरांत सायंकाल मन्दिर परिसर में सामूहिक आरती के उपरांत मुनिश्री द्वारा श्रावकों की शंकाओं का आगमानुसार समाधान किया। महाराजश्री के प्रवचनों में बस्सी सहित आसपास के गांवों के लोग बडी संख्या में उपस्थित रहे।

अहिंसावार्ड घोषित किए जाने का आश्वासन : समाजद्वारा ग्राम पंचायत बस्सी के वार्ड संख्या 17 एवं 19 को मांसाहार मुक्त घोषित जाने संबंध प्रस्ताव ग्राम पंचायत से अनुमोदित कराने का प्रस्ताव भी लिया गया। इस संबंध में संबंधित वार्डों के वार्ड पंच देवेश जैन एवं मंजुलता जैन तथा सरपंच विनोद शर्मा ने भी पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। तथा ग्राम पंचायत के अन्य वार्डों में भी शाकाहार को बढावा देने तथा उन्हें भी मांसाहार मुक्त करने का प्रयास करने की बात कही।

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