अपने आंगन में ही खिल खिलाएगा अब बचपन
सरकारने किराये के भवन में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों पर भवन बनवाने का निर्णय लिया है। जिला परिषद द्वारा मिशन मोड योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में जिले में 63 जगह आंगनबाड़ी भवन बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण पर करीब 4.50 लाख रुपए लागत आएगी।
आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन जगह के हिसाब से बनाए जाएंगे। भवन बनाने के लिए महिला बाल विकास विभाग ने पंचायत समितियों से जमीन के पट्टे मांगे है। जिनमें से अभी तक 32 ग्राम पंचायतों ने विभाग को पट्टे भिजवाए हैं। इनमें कुम्हेर में 20, नदबई, रूपवास, वैर में दो, दो आंगनबाड़ी केंद्र, डीग कामां में एक, एक आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए पट्टे भिजवाए गए हैं।
इन केंद्रों पर बनेंगे भवन
कुम्हेरके गांव सैत, गुनसारा-1, गुनसारा-3, थैरावर, लाकी, कुरवारा, नगला बघेरा, बेलारा कला, बेलारा खुर्द, लखन-1, लखन-2, अधैया खुर्द, सांतरुक -1, सांतरुक-3, चौकीपुरा, बोरई, पचेवरा, बरेहरु, दहवा, सुपावस में आंगनबाड़ी भवन बनेंगे। इसी प्रकार नदबई में कटारा-1, छतरपुर, डीग में बंधा खालसा, रूपवास में कुरका -1, कुरका-3, बयाना में खोहरा-1, खोहरा-2, नगला अर्जुन, सीदपुर, वैर में गंगोरा-1, गंगोरा-2 तथा कामां में अकाता में मिशन मोड योजना के तहत भवन बनाए जाएंगे।
526 किराये के भवन में
जिलेमें 1856 मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में से 526 केंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं, अन्य केंद्र विभागीय या सरकारी भवन में चल रहे हैं। इसी प्रकार 128 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में से 41 केंद्र किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। यहां आंगनबाड़ी केंद्र एक कमरे में संचालित होने शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों स्टॉफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किराये के भवन के लिए विभाग केवल 450 रुपए ही देती है।
बाबूला. बेलारा कला आंगनबाडी केंद्र में बैठे हुए बच्चे।