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कैसे और क्यों जरूरी है मास्क

6 वर्ष पहले
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घरों में

सर्वे जारी

स्वाइन फ्लू का इलाज

स्वाइन फ्लू हो, इसके लिए क्या करें

शुरुआती लक्षण

एक की मौत, 3 पीड़ित, सर्वे अधूरा

लोग मरने लगे तब दिया विज्ञापन, कराया सर्वे

चिकित्साविभाग भले ही जिले में डोर टू डोर सर्वे के दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि स्वाइन फ्लू दिन प्रतिदिन पांव पसारता जा रहा है। गुरुवार को बयाना के आदर्श नगर निवासी गांधी चौक स्थित एक्सरे-लेब एक संचालक बंटू सिंह धाकड़ को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव की पुष्टि हुई है। इस तरह गत 10 दिनों में जिले में 4 मरीज स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिल चुके हैं। इनमें एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। स्वाइन फ्लू पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने के बाद मेडिकल टीम मरीज के घर भेजी गई और संपर्क में आए लोगों को दवा दी गई। वहीं मरीज को उपचार के लिए रैफर किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार आदर्श नगर बयाना निवासी 25 वर्षीय बंटी पुत्र रामचंद को स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर 9 फरवरी को सुबह 10.37 बजे आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने एक घंटे बाद ही उसे 11.35 बजे उपचार के लिए जयपुर रैफर कर दिया। इसकी जानकारी अब तक तो संयुक्त निदेशक और ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई।

दोनों ही अधिकारियों ने इससे अनभिज्ञता जाहिर की है। संयुक्त निदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि गुरुवार को जयपुर डायरेक्ट्रेट से सूचना मिली कि बंटी एसएमएस अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुआ, जिसका 10 फरवरी को सैंपल लिया गया। सैंपल की रिपोर्ट 11 फरवरी को पॉजिटिव पाई गगई। सीएमएचओ डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि बयाना में रोगी के घर पर मेडिकल टीम भेजी गई है, जिसने रोगी के संपर्क में आने वाले लोगों को टेमी फ्लू की दवा दी है तथा आस पास के 50 घरों में सर्वे कराया गया है। बीसीएमएचओ डॉ. जी.एल.गुप्ता ने बताया कि पीड़ित को रैफर करने के साथ ही उसे मास्क लगाने लोगों से संपर्क नहीं रखने की हिदायत दी गई है।

रोगी बंटी जयपुर में सैंपल देने के बाद वापस बयाना गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे गुरुवार शाम को फिर रैफर किया गया है। वहीं स्वाइन फ्लू पीडि़त मिलने पर चिकित्साकर्मी सहित आम लोग भी अब मास्क का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं तथा खांसी-जुकाम होने पर लोग लापरवाही किए बिना तुरंत चिकित्सकों से परामर्श कर रहे हैं। इससे चिकित्सकों के यहां खांसी-जुकाम पीडि़तों की तादाद बढऩे लगी है।

हालांकि जिले के अस्पतालों में स्क्रीनिंग घर-घर सर्वे का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रोगियों की संख्या में वृद्धि थम नहीं सकी है। गुरुवार को अस्पतालों में ओपीडी 7 हजार 1 रोगी देखे गए, जिनमें 1528 रोगी खांसी जुकाम के पाए गए।

वार्ड में अब तक पांच मरीज भर्ती

आरबीएमअस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में अब तक पांच मरीज भर्ती किए गए। इनमें जाटौली रथभान निवासी जगन्नाथ 3 फरवरी को भर्ती हुआ। 6 को शिव नगर निवासी 4 वर्षीया वैष्णवी को भर्ती कराया गया, जो 8 को रैफर हो गई। 7 को खटका बयाना निवासी मीना भर्ती हुई, जो अगले दिन 8 फरवरी को रैफर हो गई। इसी प्रकार 9 फरवरी को बयाना का 25 वर्षीय बंटी भर्ती हुआ, जो उसकी दिन रैफर हो गया। इसके अलावा 10 फरवरी को मुखर्जी नगर निवासी 34 वर्षीय दीपक भर्ती हुआ, जिसे नेगेटिव रिपोर्ट मिलने पर 11 को छुट्टी दे दी

अब तक जिले में ये मिले स्वाइन फ्लू के रोगी

चिकित्साविभाग के संयुक्त निदेशक के अनुसार जिले में अब तक जाटौली रथभान निवासी 26 वर्षीय जगन्नाथ, तुहिया निवासी 15 वर्षीय मंगेश भरतपुर निवासी 30 वर्षीय सुरेश को स्वाइन फ्लू की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। जिसमें मंगेश की 9 फरवरी को मौत हो गई। अब बयाना के बंटी को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। अभी तक भरतपुर जिले के 21 रोगियों के सैंपल स्वाइन फ्लू जांच के लिए जयपुर भरतपुर में लिए गए, जिनमें 17 रोगियों को स्वाइन फ्लू नहीं मिला।

{जब भी खांसी या छींक आए, रूमाल या टिश्यू पेपर यूज करें। {थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ साबुन और पानी से धोते रहें। {लोगों से मिलने पर हाथ मिलाने, गले लगने या चूमने से बचें। {शुरुआती लक्षण पर डॉक्टर से संपर्क करें।

ऐसे करें बचाव: {आयुर्वेद:4-5तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और हल्दी एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पिएं। {गिलोय बेल की डंडी को पानी में उबालकर पिएं।{आधा चम्मच हल्दी पौन गिलास दूध में उबालकर पिएं। होम्योपैथी: फइन्फ्लुएंजाइनम-200की चार-पांच बूंदें, आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह-शाम पांच दिन तक लें।

ये रहें सावधान

5साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग गर्भवती महिलाएं।इन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

{फेफड़ों, किडनी या दिल की बीमारी

{मस्तिष्क संबंधी; न्यूरोलॉजिकल

{कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग

{डायबिटीज

{ऐसे लोग जिन्हें पिछले 3 साल में कभी भी अस्थमा की शिकायत रही हो या अभी भी हो।

{शुरुआती लक्षण में डॉक्टर की सलाह लें।

{गर्भवती को 27वें से 40वें सप्ताह में ध्यान रखने की जरूरत है।

{गले में खराश लगातार बढ़ना।

{सिर में भयानक दर्द।

{उनींदे रहना, ज्यादा थकान होना।

{मांसपेशियों में दर्द या अकड़न होना।

{कफ और कोल्ड, लगातार खांसी।

{नाक का लगातार बहना, छींक आना।

प्रदेश में स्वाइन फ्लू फैल चुका था, इसके बाद भी राज्य सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। जब लोग इससे मरने लगे, तब स्वास्थ्य विभाग ने विज्ञापन जारी किए। भरतपुर में गत तीन फरवरी को स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया, इसके बाद चिकत्सा प्रशासन हरकत में आया और घर-घर सर्वे, अस्पतालों में स्क्रीनिंग एवं संदिग्ध रोगियों को टेेमी फ्लू वितरण का कार्य शुरू किया गया।

{स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सामान्य मास्क कारगर नहीं होता, लेकिन थ्री लेयर सर्जिकल मास्क को 4 घंटे तक और एन-95 मास्क को 8 घंटे तक लगा सकते हैं।

{मास्क मिले तो मलमल के साफ कपड़े की चार तहें बनाकर पर बांधें। इसे धोकर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं।

{खांसी या जुकाम होने पर मास्क पहनें।

{थ्री लेयर सजिर्कल मास्क : 10से 12 रुपये, {एन-95: 100से 150 रुपये