पटवार परीक्षा में सैंडिल पहन कर आने पर रोक, निर्देश जारी
13फरवरी को आयोजित पटवार परीक्षा में परीक्षार्थी सैंडिल पहन कर भी नहीं सकेंगे। यह निर्णय पिछले दिनों रीट परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह से मोबाइल लगी सैंडिल बरामद होने के बाद लिया गया है। पटवार परीक्षा के लिए जो ड्रेस कोड जारी किया गया है, उसमें सैंडिल अथवा जूते पहन कर आने पर रोक लगा दी गई है। अगर कोई पहन कर आएगा भी तो उसके सैंडिल जूते परीक्षा कक्ष से बाहर उतरवा दिए जाएंगे।
इसके अलावा स्वेटर, जर्सी, ब्लेजर, कोट और मफलर भी पहन कर आना प्रतिबंधित रहेगा। ड्रेस कोड की जानकारी बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित पर्यवेक्षकों की बैठक में दी गई। इस मौके पर परीक्षा के नोडल प्रभारी एडीएम प्रशासन ओपी जैन एवं मास्टर ट्रेनर नरेशचंद ने परीक्षा संबंधी जानकारी दी तथा ड्रेस कोड के बारे में बताया। इस मौके पर परीक्षा पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण कराने के लिए उपाय बताए गए। एडीएम प्रशासन ने लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
अबतक की सबसे बड़ी रहेगी पटवार परीक्षा
राजस्थानअधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से 13 फरवरी को आयोजित पटवारी सीधी भर्ती प्रारंभिक परीक्षा अब तक की सबसे बड़ी प्रतियोगिता होगी, क्योंकि इसमें 45 हजार 420 परीक्षार्थी भाग लेंगे। जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। यहां तक की पिछले दिनों हुई तीन जिलों की सेना भर्ती में भी 37 हजार युवाओं ने पंजीयन कराया था। इसलिए परीक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं। परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए पहली बार भरतपुर शहर सहित 10 उपखंड मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षार्थियों के आवास एवं परिवहन के विशेष व्यवस्था की जा रही है। जिला कलेक्टर ने शहर की 9 धर्मशालाओं सहित सभी उपखंड मुख्यालय, जहां परीक्षा का आयोजन हो रहा है के धर्मशाला संचालकों को पत्र लिखकर परीक्षार्थियों के लिए आवास की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार रोडवेज प्रशासन ने करीब 40 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है।
भरतपुर. पटवार परीक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी।