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मर्ज की दवा ढूंढने में जुटे शिक्षा विभाग के अफसर

7 वर्ष पहले
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राज्यसरकार की ओर से स्कूलों का एकीकरण करने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर बीमारी का इलाज ढूंढने में जुट गए हैं। एकीकरण के विरोध में अभी तक जिले के 10 ब्लॉक से 261 परिवेदनाएं आई हैं। शिक्षा मंत्री कालीचरण सर्राफ के जिले में ही होने के कारण विभाग ने 13 सितंबर तक परिवेदनाएं प्राप्त की थी। अब इन परिवेदनाओं पर बीईईओ डीईओ अपनी टिप्पणी देंगे। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर कलेक्टर को दी जाएगी।

जिला प्रशासन स्तर पर स्कूली एकीकरण की परिवेदनाओं के निस्तारण का काम शुरू कर दिया गया है। दरअसल राज्य सरकार की ओर से किए गए एकीकरण में भरतपुर जिले की 729 स्कूलों को 534 आदर्श स्कूलों में मर्ज किया गया है। एकीकरण में रही विसंगतियों को लेकर अधिकांश स्कूलों के शिक्षकों और अभिभावकों ने स्कूल को आदर्श स्कूल मे मर्ज करने से इनकार कर दिया। विरोध को देखते हुए जिला कलेक्टर ने विसंगतियों को सुधारने के लिए परिवेदनाएं मांगी। इसका समय 31 अगस्त तक निर्धारित किया था। लेकिन शिक्षा मंत्री वैर विधानसभा उपचुनाव के कारण आठ दिन तक जिले में ही रहे। इसलिए अवधि को बढा दिया गया था। स्कूलों के गलत समायोजन को लेकर 261 परिवेदनाएं जिला प्रशासन के पास पहुंची है। इनके निस्तारण के लिए इस कमेटी का गठन किया गया है। शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों प्रशासनिक कार्यालयों में परिवेदनाएं मांगी गई थी। इससे एक ही परिवेदना की पांच पांच कॉपी पहुंच गई। इस कारण परिवेदनाओं की छंटनी करने में भी विभाग को समय लगा। उल्लेखनीय है कि एकीकरण विसंगतियों के चलते भरतपुर शहरी और ग्रामीण इलाकों में अभी तक अधिकांश स्कूलों का समायोजन नहीं हो पाया है। जबकि सरकार ने 14 अगस्त को आदेश जारी किए थे।