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नेताओं की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान

4 वर्ष पहले
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भाजपानेताओं के मध्य पिछले दिनों हुई तल्ख बयानबाजी में जिलाध्यक्ष भानुप्रतापसिंह को भी केंद्र में रखा गया, किंतु वे बयानबाजी से बचकर निकल गए। उनका मानना है कि इससे पार्टी को नुकसान हुआ है। इसके लिए उन्होंने किसी को भी दोषी मानने से इनकार कर दिया। कहा, सारी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जा चुकी है। वही तय करेंगे। लगातार दूसरी बार जिम्मेदारी संभाल रहे जिलाध्यक्ष भानुप्रतापसिंह मूलतः रूपवास के रहने वाले हैं और वर्ष 1980 से संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मदारी निभा रहे हैं। पेशहै भानुप्रतापसिंह से बातचीत।

भास्कर. नेताओं की बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हुआ है

भानुप्रताप.यह स्वाभाविक है। किंतु इसका असर संगठन पर नहीं था। फिर भी थोड़ा-बहुत तो नुकसान हुआ ही है।

भास्कर.कौन दोषी है और आपने क्या किया

भानुप्रताप.कौन दोषी है यह मैं कैसे कह सकता हूं। सभी मेरे से सीनियर है। हां जिलाध्यक्ष के नाते प्रदेश नेतृत्व को अवश्य जानकारी दे दी है। वही निर्णय करेंगे।

भास्कर.एमपी, विधायक और जिला प्रमुख संगठन में बदलाव की मांग कर चुके हैं

भानुप्रताप.कार्यकारिणी गठन से पूर्व सभी जनप्रतिनिधियों की सलाह और उनके द्वारा सुझाए गए कार्यकर्ताओं को ही पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब उन्होंने कैसे कहा मुझे नहीं पता। मौखिक रूप से मुझे सीधे किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।

भास्कर.एक नेता विशेष के प्रति आपका झुकाव है

भानुप्रताप.मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंप रखी है उसमें एक व्यक्ति विशेष के प्रति झुकाव रख ही नहीं सकता। सभी के प्रति समान भाव है। सभी विधायक संगठन चलाने में सहयोग करते हैं।

भास्कर.पार्टी के मंडल अध्यक्ष कुछ जगह युवा मोर्चा के मनोनयन को नहीं मान रहे

भानुप्रताप.बयाना और नगर में ऐसी कुछ शिकायत है। संविधान के मुताबिक पार्टी मंडल अध्यक्ष की सहमति से मोर्चों के मनाेनयन होते हैं। नगर का मामला विधायक और मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष तय करेंगे।

भास्कर.यूआईटी अध्यक्ष का मनोनयन एक विधायक के इशारे पर नहीं हुआ

भानुप्रताप.ऐसा नहीं है। प्रदेश में तीन-चार जगह यूआईटी अध्यक्ष मनाेनयन नहीं हुआ। यह सीएम स्तर का मामला है। मैं इसमें कोई राय नहीं दे सकता।

भास्कर.दूसरा कार्यकाल किसकी मेहरबानी से मिला

भानुप्रताप.सभी की मेहरबानी से। हमारे काम से। पिछले कार्यकाल में पंचायत और निकाय चुनावों में सफलता मिली। एक लाख 60 हजार सदस्य बनाए। संगठन को 1618 बूथ तक पहुंचाया।

भास्कर.चकोरा में जमीन दबाने का आरोप है

भानुप्रताप.सौ प्रतिशत झूठ है। मैं, मेरे परिवार, रिश्तेदार या निकट का कोई व्यक्ति इसमें संलिप्त नहीं है। किसी की जमीन पर कब्जा है या नहीं।

भास्कर.चारागाह की जमीन पर प्लाटिंग की गई

भानुप्रताप.छवि को अनावश्यक धूमिल करने के लिए इस तरह का षडयंत्र कुछ लोगों ने रचा है। मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवैध मामलों में कार्रवाई के लिए कह चुका हूं।

भास्कर.विधानसभा चुनाव कहां से लड़ेंगे

भानुप्रताप.चुनावी राजनीति में मेरी कोई रूचि नहीं है। संगठन का काम ही मेरी प्राथमिकता है।

भानुप्रताप सिंह

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