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प्रधान लक्ष्मीदेवी का निकाला विजय जुलूस

6 वर्ष पहले
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सुनीता बनी निर्विरोध उप प्रधान

डीग

मनुदेव, भाजपा

पहाड़ी

सनोवर परवीन, भाजपा

रूपवास

सत्यप्रकाश, भाजपा

कामां

बुधराम यादव, भाजपा

नगर

सुनीता, निर्दलीय

कुम्हेर

विजयसिंह, भाजपा

वैर

महेश चंद, निर्दलीय

नदबई

गोविंद सिंह, भाजपा

बयाना

सुमन गुर्जर, निर्दलीय

उप प्रधान चुनाव में भी भाजपा का दबदबा

भरतपुर| पंचायतचुनाव के तहत रविवार को हुए उपप्रधान के चुनाव के साथ पंचायत राज चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो गई। जिले की 10 पंचायत समितियों में से 6 में उप प्रधान पद का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। उप प्रधान के चुनाव में छह पंचायत समितियों में भाजपा तथा चार में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई। सेवर पंचायत समिति से निर्दलीय हेमलता उपप्रधान निर्वाचित हुई हैं। प्रधान पद की तरह उप प्रधान के चुनाव में भी भाजपा का दबदबा कायम रहा। कई पंचायत समितयों में उप प्रधान के चुनाव में कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे। इस कारण वहां निर्विरोध निर्वाचन हुआ। परिणामों की घोषणा के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने ढोल बैंडबाजों के साथ जुलूस निकाले।

नगर. सुनीता गुर्जर को निर्विरोध उपप्रधान निर्वाचित घोषित करने के बाद समर्थकों ने निकाला विजय जुलूस।

वैर. उपप्रधान महेश चंद को शपथ दिलाते अधिकारी।

नदबई. उपप्रधान गोविंद सिंह को शपथ दिलाते अधिकारी।

रूपवास. नवनिर्वाचित प्रधान लक्ष्मी देवी जुलूस के दौरान जनता का अभिवादन करती हुई।

राजनीतिक गलियारों में रही मोबाइल टेप वायरल की चर्चा

राजनीतिकगलियारों में इन दिनों एक टेप वायरल हुआ है, जिसमें प्रधानी को लेकर फूल वाली पार्टी के कथित पावर हाउस से जुडे़ एक शख्स और नगर निगम से जुड़े एक शख्स बात कर रहे हैं। इस टेप को कांग्रेस और भाजपा से जुडे़ कई लोग जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं। ताकि बात हाईकमान तक पहुंचे।

पंचायतचुनाव में भाजपा के आगे कांग्रेस हुई पस्त

पंचायतचुनाव में कांग्रेस का तिलिस्म टूट गया है। हर जगह कांग्रेस भाजपा के आगे पस्त हो गई। स्थिति ये रही की जिला प्रमुख, उपजिला प्रमुख सहित कई जगहों पर प्रधान और उपप्रधान के लिए प्रत्याशी ही नहीं खोज पाई। जबकि भाजपा ने पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में जिला परिषद के 24 सदस्यों के बलबूते पर जिलाप्रमुख और उपजिला प्रमुख पार्टी का बनाया था, जबकि इस बार 11 सीटें ही मिलने से पार्टी मुकाबले में ही नहीं उतरी। केवल सेवर में ही प्रधानी की सीट बचा सकी। इस बार की उपलब्धि के तौर पर केवल वैर में कांग्रेस का प्रधान चुनना है। पहले यहां निर्दलीय प्रधान था। इधर भाजपा ने नगर, नदबई, कामां, बयाना और रूपवास की सीट अपने पक्ष में कर ली। कांग्रेस सेवर , बयाना और रूपवास में उप प्रधानी की सीट भी नहीं बचा सकी।

उपजिला प्रमुख चुनाव में फर्जी प्रस्ताव को लेकर छिड़ी बहस

उपजिला प्रमुख पद के लिए नामांकन भरने वाले निर्दलीय प्रत्याशी नेमसिंह फौजदार के नामांकन पत्र में प्रस्तावक कमल सिंह के हस्ताक्षर फर्जी किए जाने की शिकायत की गई। यह शिकायत बाड़ेबंदी में एक जिला परिषद सदस्य के निकल जाने के बाद की गई थी। इसको लेकर काफी देर तक बहस छिड़ी रही। प्रशासन ने प्रत्याशी उसके प्रस्ताव को आफिस बुलाकर जांच की। इसके बाद नामांकन पत्र को सही माना गया।

चुनावमें अब जमाना खरीद-फरोख्त का गया है

उपजिलाप्रमुख चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नेमसिंह फौजदार ने कहा कि वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर आए थे। उप जिला प्रमुख का टिकट उन्हें मांगने के बाद भी पार्टी ने नहीं दिया। फलस्वरूप निर्दलीय रूप से पर्चा भरा। उन्होंने कहा कि जमाना खरीद-फरोख्त का गया है। टिकट मांगने पर भी नहीं दी गई। कांग्रेस के सदस्यों ने भी भाजपा को वोट दिया है।