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स्कूलों का मर्ज बढ़ा रहा कर्ज, शिक्षण व्यवस्था ठप
सीकरी: विरोध में छोड़ा स्कूल
राजकीयप्राथमिक विद्यालय वन्दवास को उमावि में मर्ज किया गया है। इसके विरोध में विद्यार्थियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। यह स्कूल कस्बे से करीब तीन किमी की दूरी पर स्थित है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे छोटे बच्चे तीन किमी की दूरी तय नहीं कर पाएंगे। ऐसे में ग्रामीणों ने सभी 43 बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि एसडीएम, बीईईओ विधायक को ज्ञापन देकर परिवेदना दी जा चुकी है। जब तक स्कूल दुबारा पूर्ववत शुरू नहीं होगा, तब तक ऐसा ही चलेगा।
जनूथर:कमरों की कमी से परेशानी
राजकीयआदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा एक से आठवीं तक के 263 विद्यार्थियों के लिए कक्षा कक्ष नहीं है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का पुराना भवन तो सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से तीन साल पहले ही अनुपयोगी घोषित किया जा चुका है और नए कमरे नवीं से 12 वीं तक के 350 विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त है। ऐसे में बच्चों को कक्षा कक्ष के अभाव में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कामां: छात्रसंख्या 308, बच्चे मिले 179
राजकीयप्राथमिक विद्यालय कामेश्वर मन्दिर छात्र नामांकन पूर्व में 54, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिटी में 160, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला हरचन्द में 94 था। इन विद्यालयों का एकीकरण राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। जहां बुधवार को 308 छात्र-छात्राओं के स्थान पर केवल 179 छात्र ही अध्ययन करने पहुंचे। नगला हरचंद विद्यालय के पढने वाले 79 में से कभी पांच तो कभी सात बच्चे स्कूल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के लिए स्कूल दो किमी से भी अधिक दूरी पर स्थित है।
नगर. कक्षा में शिक्षा अध्ययन को बैठे विद्यार्थी।