चेक अनादरण के मामले में एक साल की सजा
बयाना| चेकअनादरण के मामले में सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी मीणा ने आरोपी को एक साल के साधारण कारावास 5 हजार रुपए जुर्माना किया है।
इसके अलावा परिवादी को बतौर क्षतिपूर्ति 7.45 लाख रुपए दिलाए जाने के आदेश दिए हैं। परिवादी के अधिवक्ता सुरेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि नयागांव कलां निवासी विजयसिंह गुर्जर ने परिवाद दायर किया था कि कस्बे के सुनार गली निवासी आरोपी मुन्नालाल कोली ने उसके भाई तुलाराम की ओएनजीसी में नौकरी लगवाने की एवज में झांसा देकर 26 जनवरी 2006 को 5 लाख रुपए लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर आरोपी ने राशि वापसी के लिए एबीएजी बैंक शाखा बयाना का 5 लाख रुपए का एक चेक दिया था। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बैंक ने चेक अनादरित कर दिया। मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी मुन्नालाल कोली को एक साल के साधारण कारावास 5 हजार रुपए का जुर्माना किया। क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादी को 7.45 लाख रुपए दिलाने के आदेश दिए हैं।
7.45 लाख रुपए देने के आदेश