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इलाज में लापरवाही पर रोष

7 वर्ष पहले
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ब्यावर | अमृतकौरअस्पताल के प्रसूती विभाग में महिलाओं के इलाज में लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को इलाज में लापरवाही से परेशान महिला के परिजनों ने जब स्टाफ से डिस्चार्ज करने को कहा तो उन्होंनेे चाय पिलाने की मांग की। इससे गुस्साए परिजनों ने रोष जताया। पीएमओ डॉ. प्रमोद पोरवाल और नर्सिंग अधीक्षक आरपी वर्मा ने जांच का आश्वासन देते हुए आरोपी नर्स को वार्ड से हटा दिया।

अजमेर रोड निवासी मनीष जिंदल ने प|ी की तबीयत खराब होने पर उसे डॉ. उर्मिला पोरवाल को दिखाया। डॉक्टर ने उसेे ब्लड चढ़वाने को कहा। जिंदल का आरोप है कि वह सुबह ब्लड लेकर आया। करीब 10.30 बजे वार्ड में ब्लड चढ़ाने के कुछ देर बाद उनकी प|ी को रिएक्शन होने लगा। उन्होंने नर्स को कहा ब्लड से रिएक्शन हो रहा है। काफी देर बाद नर्स ने ब्लड हटा दिया। जिंदल का आरोप है कि ब्लड उतारने के काफी देर तक ब्लड़ पड़ा रहा। करीब 1.30 बजे वो डॉक्टर के पास गए और उनके कहने पर ब्लड लेकर लैब में गए। वहां लैब कर्मचारी ने कहा कि अब ब्लड काम का नहीं है। जिंदल ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी उनकी प|ी को संभाला नहीं गया। आखिर लापरवाही से परेशान होकर शाम को उन्होंने नर्स से कहा कि उन्हें डिस्चार्ज चाहिए। इस पर नर्स ने उनसे कहा कि डिस्चार्ज टिकट चाहिए तो पहले चाय पिलाआे। इस पर उन्होंने फोन कर पीएमअो, नर्सिंग अधीक्षक के सामने रोष प्रकट किया। जानकारी मिलने पर युवक कांग्रेस के पदाधिकारी भूपेंद्र पाल पंवार और गौरव शर्मा अन्य कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे।रे मामले को लेकर रोष जताया।

^अस्पताल में बिना वसूली कोई काम नहीं होता। सुबह खून चढ़ाने में लापरवाही बरती गई। परेशान होकर डिस्चार्ज मांगा तो नर्स कहती है पहले चाय पिलाओ तो डिस्चार्ज करूंगी। पीएमओ और नर्सिंग अधीक्षक को शिकायत की है। मंगलवार को एसडीएम और स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजूंंगा। परेशान होकर मरीज को यहां से ले जा रहा हूं। मनीष जिंदल, पीड़ित, शिकायतकर्ता

^ शिकायत मिलने पर नर्स सीता चौहान को हटा दिया गया है। पूरे मामले पर जांच समिति बिठाई जाएगी। जो भी आरोपी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ.प्रमोद पोरवाल, पीएमओराजकीय अमृतकौर अस्पताल

^ब्लडबैंक से इश्यू होने के बाद निश्चित समय में खून चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। ज्यादा समय बाहर रखने के बाद एक निर्