स्टेशन अधीक्षक का घेराव कर जताया विरोध
रास्ताबंद करने और अवरोधक लगाने से नाराज कुछ गांवों के ग्रामीण रविवार को स्टेशन अधीक्षक के घर पहुंच गए। उन्होंने रास्ते पर अवरोधक लगाने का विरोध जताते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से पैदल पुल की मांग उठाई। महिलाओं की मांग थी कि रास्ते को बंद करने से पहले एक अस्थाई रास्ता उपलब्ध करवाया जाए। एसएस का घेराव करने वालों में मिल कॉलोनी, श्याम गंज, नूद्री मेंद्रातान, फतेहगढ़, जगमालपुरा, अलीनगर, और कर्बला क्षेत्र के ग्रामीण शामिल थे।
ब्यावर रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे द्वारा कुछ दिनों पूर्व बिना किसी पूर्व सूचना के स्लीपर और लोहे की जालियां लगा कर रास्ते को बंद कर दिया गया। इससे इन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और स्कूली बच्चों को परेशानी होने लगी। पैदल पुल नहीं होने और इस अस्थाई रास्ते पर अवरोधक लगाने के कारण ग्रामीणों और आधा दर्जन कॉलोनी के निवासियों को पैदल आने के लिए अब 2 किलोमीटर का चक्कर लगा कर आना पड़ता है। जिससे नाराज करीब 150-200 महिलाओं और ग्रामीणों ने रविवार रात स्टेशन अधीक्षक एलआर मीणा के घर जाकर उनका घेराव किया। महिलाओं ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण महिलाओं और छात्राओं को सुनसान रास्ते से घुमकर आना पड़ता है। दिन में तो फिर भी ठीक है। लेकिन रात में सूनसान रास्ते से आने पर बच्चियों या महिलाअों के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों और महिलाओं की मांग थी कि रेलवे लाइन पर पैदल पुल का निर्माण होने तक अस्थाई रास्ते को बंद नहीं किया जाए। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि सारे मार्ग बंद करने का फैसला उनका नहीं बल्कि रेलवे डिपार्टमेंट का है। महिलाओं ने उनसे मांग की कि इस समस्या के बारे में उच्च स्तर पर सूचित कर कोई हल निकालें।
ब्यावर. रास्ते और सुरक्षा को लेकर स्टेशन अधीक्षक से मांग करती महिलाएं।