त्रुटि विभाग की, राशन बंद उपभोक्ताओं का
त्रुटिसंशोधन के लिए मूल राशनकार्ड जमा कराने वाले उपभोक्ता पिछले कई महीने से रसद सामग्री से भी वंचित है। राशन डीलर बिना मूल राशनकार्ड के ऐसे लोगों को सामग्री नहीं दे रहे। इधर परिषद प्रशासन का कहना है कि संबंधित कंपनी की ओर से मूल राशनकार्ड संशोधित होकर नहीं पहुंचे। उपभोक्ताओं ने परिषद प्रशासन से मूल राशनकार्ड जल्द उपलब्ध कराने और रसद विभाग से राशन डीलर्स को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ऐसे उपभोक्ताओं को रसद सामग्री दिलाने की मांग की है।
ब्यावर में नए राशनकार्ड का वितरण कार्य करीब 8 महीने पहले शुरू हुआ था। नए राशनकार्ड में त्रुटियों को देखते हुए रसद विभाग ने पूर्व में शिविर आयोजित कर त्रुटि संशोधन के लिए उपभोक्ताओं से राशनकार्ड मांगे थे। ब्यावर में करीब 4900 उपभोक्ताओं ने राशनकार्ड मे त्रुटि संशोधन के लिए आवेदन किया था। इनमें से करीब पूर्व में विभाग के निर्देशानुसार परिषद प्रशासन ने करीब 1400 लोगों के मूल राशनकार्ड जमा कर उन्हें त्रुटि संशोधन के लिए अजमेर रसद विभाग कार्यालय में भिजवा दिया। जहां से विभाग ने उन्हें संबंधित कंपनी प्रतिनिधि को थमा दिया। परिषद के राशन कार्ड शाखा प्रभारी तेजनारायण व्यास के मुताबिक करीब 5 हजार से ज्यादा उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने त्रुटि संशोधन के लिए आवेदन किया है। मगर इनमें से करीब 1400 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पूर्व में मूल राशनकार्ड जमा कर लिए गए थे। बाद में विभाग की नई लाइन जारी होने के बाद त्रुटि संशोधन के लिए उपभोक्ताओं से मूल राशनकार्ड की जगह उनकी प्रतिलिपि मांगी गई थी। अब तक परिषद की ओर से करीब 5 हजार कार्ड त्रुटि संशोधन के लिए भेजे गए। इसके अलावा करीब 5 हजार से अधिक उपभोक्ता ऐसे भी थे जिन्होंने नए राशनकार्ड के लिए आवेदन किया था। परिषद सभागार में विभाग की ओर से 21 से 27 जुलाई 2014 तक शिविर लगे थे। इनमें 5235 लोगों ने नए राशनकार्ड के फार्म जमा कराए।
भामाशाह योजना में भी अड़चन
जिनलोगों ने पूर्व में त्रुटि संशोधन के लिए मूल राशनकार्ड जमा करवा दिए थे उन्हें अब भामाशाह नामांकन शिविर में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूल दस्तावेज के अभाव में अधिकारी भी शिविरार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र को वैध नहीं मान रहे।
यहहै स्थिति
त्रुटिसंशोधन के लिए फार्म : 4900
नएराशनकार्ड के लिए फार्म : 5235
^त्रुटिसंशोधन वाले कार्डों क