प्रभु के भजन बिन जीवन है बेकार...
ब्यावर. आर्यसमाज ब्यावर के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन आर्य समाज मंदिर में यज्ञ, भजन प्रवचन का आयोजन हुआ। आर्य समाज ब्यावर के प्रधान ओमप्रकाश काबरा ने बताया कि सुबह देवयज्ञ में यजमानों ने आहुतियां दी।तत्पश्चात बिजनौर से पधारे भजनोपदेशक भीष्म आर्य द्वारा मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। उस प्रभु से प्रीति कर ले, मुझे भटके राही रे..., मानव जीवन पाकर बंधे करले प्रभु से थार..., प्रभु के भजन बिन जीवन है बेकार..., तेरे नाम का सुमिरन कर मेरे मन में सुख भर आया... समेत अनेक भजनों की प्रस्तुतियां दी। मंत्री सत्यप्रकाश झंवर ने बताया कि औरेया उत्तर प्रदेश से पधारे आचार्य राजदेव शास्त्री द्वारा उपदेश में बताया कि जो जीवन देने वाला है, वही जीवन लाने वाला है। नास्तिक नाम कि कोई चीज नहीं है। उसको भी एक दिन आस्तिकता को मानना पड़ेगा। परमेश्वर अपने कार्य में किसी से सहयोग नहीं लेता। इसलिए वह परमात्मा सर्वशक्तिमान है। नई दिल्ली से आर्य स्वामी प्रणवानंद ने अपने उपदेश में कहा कि धन तो हम बहुत कमा रहे है, लेकिन आध्यात्मिक प्रवृति का कार्य नहीं बढ़ा रहे है। धन कमाना गलत नहीं, लेकिन धन का उपयोग सही जगह होना चाहिए। कार्यक्रम में हरिदेव आर्य, दीवान सिंह आर्य, ओम मुनि, जयनारायण हेड़ा, इंद्र देव आर्य, हरिनारायण-सत्यनारायण मालानी, भूदेव विनायक आर्य, अशोक सोनी, राजेंद्र काबरा, लालाराम पहलवान, अभय आर्य, वैभव तोषनीवाल समेत कई आर्य बंधु उपस्थित थे।