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पुजारी को बचाने के लिए बरसाईं लाठियां, पैंथर की मौत

7 वर्ष पहले
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टॉडगढ़रावली वन्य जीव अभयारण्य स्थित दुधालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार देर शाम पैंथर ने पुजारी पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पुजारी को बचाने की कोशिश में पैंथर पर लाठियों से हमला कर दिया। इससे पैंथर की मौत हो गई। घटना के बाद देर रात वन विभाग के रावली वाइल्ड लाइफ के अफसरों ने पैंथर के शव को कब्जे में लेकर रावली वन चौकी में रखवा दिया। रावली वाइल्ड लाइफ के सहायक वन संरक्षक भगवानसिंह राठौड़ ने बताया कि दुधालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार शाम साढ़े सात बजे पुजारी सीताराम रोजाना की तरह आश्रम में से मंदिर के अंदर आरती करने घुसे तो वहां मौजूद पैँथर ने उन पर हमला कर दिया। शेष| पेज 8





अचानकहुए हमले से घबराए पुजारी ने शोर मचाया तो मंदिर परिसर में मौजूद ग्रामीणों के पहुंचने पर पैंथर जंगल की ओर भाग गया। कुछ देर बाद पैंथर वापस मंदिर में लौट आया तो वहां मौजूद ग्रामीणों ने दहशत में पैंथर पर लाठियों से हमला कर दिया, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर वाइल्ड लाइफ के अफसरों ने पैंथर के शव को कब्जे में लेकर रावली वन चौकी में रखवाया। रविवार को पैंथर के शव का जवाजा के राजकीय पशु अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया।

गौरतलब है कि शनिवार को इसी पैंथर ने मालातों की बैर निवासी एक चरवाहा महिला बदामीदेवी प|ी नारायणलाल पर हमला कर घायल कर दिया था। गनीमत रही कि महिला ने पैंथर का बहादुरी से सामना किया और उसे भागने को मजबूर कर दिया था। इसके बाद पैंथर ने देर शाम दुधालेश्वर में पुजारी सीताराम पर हमला कर दिया था।



एक साल में 6 पैंथरों की मौत

एक साल में रावली सहित आसपास के जवाजा, काबरा, सेंदड़ा बरार आदि वन क्षेत्रों में अब तक 6 पैंथरों की मौत ग्रामीणों के कारण हुई है। 6 माह पहले जवाजा के लोटियाना सोनियाना के जंगलों में तीन पैंथरों की मौत के मामले में एक ग्रामीण ब्यावर जेल में सजा काट रहा है। वहीं तीन माह पहले काबरा वन का नाका में सेली बैरी के पास वन विभाग के एक रिटायर्ड वनपाल ने योजनाबद्ध तरीके से पैंथर का शिकार किया था। उसे जेल भेज दिया था।



इनका कहना है

दुधालेश्वर मंदिर परिसर में शनिवार देर शाम को पैंथर पुजारी पर हमला कर जंगल में भाग गया था। इसके बाद पैंथर दुबारा मंदिर परिसर में आया तो पुजारी सहित वहां माैजूद ग्रामीणों ने बीच-बच