अजमेर. नगर परिषद के किसी भी वार्ड के आप मतदाता हैं तो अपने वार्ड की वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक कर लें। इस बार नए सिरे से वार्डों का परिसीमन नहीं होने की वजह से वोटर लिस्टों में शामिल नाम को लेकर व्यापक गड़बड़ियां सामने रहीं हैं।
हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्टों के ऑनलाइन डाटा के आधार पर नगर परिषद चुनाव की वोटर लिस्ट तैयार होने की वजह से लगभग सभी 45 वार्डों में एक वार्ड के वोटर किसी अन्य वार्ड की वोटर लिस्ट में जुड़ने के मामले सामने रहे है।
वोटर लिस्ट में शामिल नाम इधर-उधर होने पर हर वार्ड से शिकायतें मिलने का सिलसिला चरम पर है। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी के अधीन चुनाव कार्यालय में अमूमन सभी 45 वार्डों से करीब 5 हजार वोटर के नाम दूसरे वार्ड की लिस्ट में जुड़ने के मामले सामने चुके है।
इनमें अधिकतर वे वार्ड शामिल हैं जिनमें एक गली में आमने-सामने रहने वाले वोटर गत 2009 में हुए नए वार्ड सीमांकन के दायरे में आने से अलग या शामिल हुए। कई मामलों में तो आमने-सामने रहने वाले अलग वार्ड वाले वोटर को एक ही वार्ड में जोड़ दिया गया।
जनप्रतिनिधियों से ले रहे हैं मार्गदर्शन
वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने या कटने की गड़बड़ी का पता चलने पर अधिकतर वोटर अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का सहारा लेकर संशोधन करा रहे है। नाम में संशोधन के लिए जनप्रतिनिधियों के मार्फत शिकायतें आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है।
इनमें वार्ड नंबर 26 के वोटर के नाम वार्ड 12, 34 29 में दर्ज होने पर पार्षद ज्ञानदेव झंवर की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। वार्ड नंबर 23, 29 7 के वोटर के नाम 26 में से हटाने की भी अापत्ति जताई गई है। वार्ड 26 के वोटर विरेंद्र सीरवी ने भी शिकायत दी।
लोस चुनाव की वोटर लिस्ट से हुई गड़बड़ियां:
हर बार नगर परिषद के चुनाव से पहले घर-घर जाकर डोर-टू-डोर सर्वे के आधार पर वोटर लिस्ट तैयार हुआ करती थी। लेकिन इस बार वोटर लिस्ट को ऑनलाइन करने के मकसद से पिछले लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट के डाटा को कॉपी कर लिया गया। नगर परिषद चुनाव और लोकसभा चुनाव की अलग तरीके से होते हैं इसलिए वार्ड की वोटर लिस्ट के नाम गड़बड़ा गए।